अलवर

अलवर में जहां एक हजार करोड़ की लागत से बनेगा उच्च शिक्षण संस्थान, वहां आज तक नहीं खुल पाई है औधोगिक इकाई, विकास को तरस गई है जनता

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Oct 01, 2018
No Industrial Development In Kishangarhbas Alwar
अलवर में जहां एक हजार करोड़ की लागत से बनेगा उच्च शिक्षण संस्थान, वहां आज तक नहीं खुल पाई है औधोगिक इकाई, विकास को तरस गई है जनता

किशनगढ़बास क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना की दिशा में कोई सार्थक प्रयास नहीं हुए हैं जिसके कारण यह क्षेत्र वर्षों से उपेक्षित है।क्षेत्र में राजनीतिक खीचतान हमेशा से ही विकास में रोड़ा रही है। क्षेत्र की जनता ने सभी बड़ी पार्टियों के नेताओं को राजनीति का ताज पहनाकर शिखर तक पहुंचाया लेकिन हमेशा से ही क्षेत्र की विकास के नाम पर उपेक्षा होती रही है। ऐसे में क्षेत्र का औद्योगिक विकास का नही होना जनता को काफी खल रहा है। औद्योगिक क्षेत्र अलवर भिवाड़ी मेगा हाइवे पर स्थित किशनगढ़ बास पुराना कस्बा है । यह रजवाड़ों के समय से ही बसा हुआ है।

यहां पर अभी तक एक भी छोटी या बड़ी औद्योगिक इकाई नहीं लग पाई है और ना ही किशनगढ़ बास को औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया गया है जिसके चलते नागरिकों को रोजगार के लिए भिवाड़ी टपूकड़ा, खुश खेड़ा , बावल क्षेत्रों में जाना पड़ता है इससे बेरोजगारों को आने-जाने में काफी समय एवं आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

पर्याप्त हैं संसाधन

किसी भी जनप्रतिनिधि ने किशनगढ़ बास को औद्योगिक क्षेत्र का दर्जा दिलवाने में रुचि नहीं दिखाई । विकास की कड़ी कही जाने वाली सडक़ और रेल साधन या दोनों मौजूद है और मेगा हाइवे जो अलवर से भिवाड़ी को जोड़ता है कस्बे के बीचो बीच होकर गुजरता है। रेल परिवहन का साधन यहां से मात्र 10 किलोमीटर दूर स्थित है यहां से मात्र 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

रोजगार के लिए दूसरी जगह जा रहे युवा

&किशनगढ़ बास क्षेत्र जिले ही नहीं अपितु राज्यभर मे अपनी पहचान रखता है, लेकिन यहां औधोगिक क्षेत्र नहीं होने से इस क्षेत्र के हजारों युवाओं को दूर-दराज के औधोगिक क्षेत्रों मे राजगार के लिए जाना पड़ता है। आर्थिक तंगी के कारण युवाओं को घर से दूर रोजगार के लिए भटकना पड़ रहा है, जिससे उन्हें दौहरी मार झेलनी पड़ती है, घर परिवार से दूर रहने की समस्या और साथ ही खर्चा ज्यादा हो जाता है, ऐसे में घर परिवार का गुजर बसर करना मुश्किल हो रहा है। यदि इस क्षेत्र मे औधोगिक क्षेत्र स्थापित कर दिया जावे तो युवाओं को रोजगार के ज्यादा अवसर प्राप्त होगें और आर्थिक स्थिति भी ठीक रहेगी।
सूरजभान कछवाहा , पूर्व एमपीएस पंचायत समिति किशनगढ़बास

उद्योगों से होगा क्षेत्र का विकास

नई तकनीकें एवं उर्जा के नए साधनों के आगमन ने उद्योगों को बढावा मिलेगा। लघु उद्योग रसायन उद्योग खादी उद्योग में इजाफा होगा
नावेद फारूकी, निजी स्कूल संचालक, किशनगढ़बास

यहां होनहारों की नहीं है कमी

कस्बा सहित ग्रामीण अंचल में होनहारों की कमी नहीं है, मगर यहां पर बेरोजगारों की भी कमी नही है, अच्छी शिक्षा पाने के बावजूद बेरोजगारी इस कदर हावी है कि युवा एलएलबी, बीडीएस, बीटेक जैसी डिग्री पाने के बाद भी धक्के खाने को विवश है। क्षेत्र में औधोगिक कारखाना नहीं होने के फलस्वरूप हमारे क्षेत्र का युवा वर्ग प्रतिभावान होने के बावजूद भी रोजगार के अभाव में घर बैठने को मजबूर है। यदि इस क्षेत्र का भी उचित औद्योगिकीकरण किया जाए तो हमारा अलवर रोजगार के सभी क्षेत्रों में मजबूत बन सकता है ।
कपिल यादव, संचालक इंस्टीट्यूट, किशनगढ़बास

तो सुधरती हालत

औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से जहां स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते वही उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होता एवं क्षेत्र का विकास होता पूरी तरह से प्रशासन में जनप्रतिनिधि ने इस क्षेत्र में उपेक्षा की है इससे क्षेत्र विकास नहीं हुआ।
श्याम, नूरनगर, ग्रामीण किशनगढ़बास

Published on:
01 Oct 2018 05:13 pm