अलवर

रक्षाबंधन पर चाइनीज राखियों पर भारी पड़ रही देसी राखियां, बाजार में देशी डिजाइन की धूम

रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त को मनाया जाएगा। राखी का बाजार सजकर तैयार हो चुका है। अलवर शहर के होपसर्कस, तिलक मार्केट, चूड़ी मार्केट, मालाखेड़ा बाजार, घंटाघर, काशीराम चौराहा सहित कई जगह राखी की दुकानें सजी हुई हैं।

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Aug 06, 2025

रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त को मनाया जाएगा। राखी का बाजार सजकर तैयार हो चुका है। अलवर शहर के होपसर्कस, तिलक मार्केट, चूड़ी मार्केट, मालाखेड़ा बाजार, घंटाघर, काशीराम चौराहा सहित कई जगह राखी की दुकानें सजी हुई हैं। बीते वर्षों में चाइनीज राखियों का बोलबाला रहा, लेकिन इस बार हमारे देश में, खासतौर से अलवर में बनी राखियों की डिमांड ज्यादा है। पहले बड़े आकार की राखियां पसंद की जाती थीं, अब छोटे आकार की राखियां ज्यादा पसंद की जा रही हैं। बाजार में फैँसी व डिजाइनर राखियों की भरमार है।

हाथ से बनी राखियां भी खूब पसंद की जा रही हैं। स्टोन, मौली, रुद्राक्ष और इलेक्ट्रॉनिक डिजाइनों में बनी राखियों की भी मांग है। भाई-भाभी की जोड़ी वाली राखियों, ब्रेसलेट टाइप और हाथ में पहने जाने वाले कड़े जैसी डिजाइन वाली राखियां भी खूब बिक रही हैं। बाजारों में इस बार दिल्ली, कोलकाता व राजकोट से भी राखियों का स्टॉक मंगवाया गया है। महिलाओं के लिए ब्रास मैटल से तैयार राखियां आई हैं, जो राखी के बाद भी पहनी जा सकती हैं। सर्राफा बाजार में चांदी की बनी राखियों की मांग है। इनकी कीमत 200 से 2000 रुपए तक है।

ब्रेसलेट डिजाइन वाली राखियां युवाओं को खूब भा रही हैं। इनमें स्टोन वर्क, जरदोजी, मिरर वर्क और रेशमी धागों का संयोजन दिखाई दे रहा है। इन डिजाइनों में परंपरा और आधुनिकता का अनोखा मेल दिखता है। बच्चों को सॉट टॉयज डोरेमोन, शिनचैन, छोटा भीम, मोटू-पट्लू, स्पाइडरमैन और बाहुबली जैसे मशहूर कार्टून किरदारों पर आधारित राखियां बच्चों को खूब लुभा रही हैं। लाइट, स्पिनर और यूजिक जैसे फीचर्स भी शामिल किए गए हैं।

Published on:
06 Aug 2025 11:52 am
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