
अलवर. मानव तस्करी विरोधी यूनिट और चाइल्ड लाइन ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत मंगलवार को शहर में होटल पर बाल श्रम करते 6 बालक और भीख मांगने के लिए याचना करते मिले 6 बालक-बालिकाओं को मुक्त कराया।
चाइल्ड लाइन अलवर के समन्वयक सतीश चंद चौधरी ने बताया कि टीम ने कार्रवाई करते हुए शहर के पुराना ओवरब्रिज के नीचे स्थित दो होटलों पर काम करते मिले 6 बालकों को अपने संरक्षण में लिया और बातचीत के लिए चाइल्ड लाइन लाए। बातचीत में बच्चों ने बताया कि उन्हें होटल पर सुबह 8 से रात 10 बजे तक काम करना पड़ता है और सभी 24 घंटे होटलों में ही रहते हैं। होटल में बर्तन मांझने, तंदूर पर खाना बनाने तथा साफ-सफाई का काम करते हैं। इसके बदले होटल मालिक द्वारा 1500 से 2500 रुपए मासिक वेतन दिया जाता है। इसके बाद टीम ने शहर में भीख के लिए याचना करते मिले 3 बालक व 3 बालिकाओं को अपने संरक्षण में लिया। जिन्हें चाइल्ड लाइन लाकर बातचीत की गई तो उन्होंने खुद को गांव सालोड़ी, बामनवास, गंगापुर सिटी, सपेरा का बास, लक्ष्मणगढ़ व राजगढ़ का रहने वाला बताया।
मानव तस्करी विरोधी यूनिट के प्रभारी राजकुमार शर्मा की ओर से बाल श्रम करवाने वाले होटल मालिक सब्बीर खान पुत्र साबूदीन निवासी खेरली रोड नगर-भरतपुर और ताहिर पुत्र हुरला निवासी गांव चांदोली थाना सदर के खिलाफ बालश्रम प्रतिषेध अधिनियम , किशोर न्याय अधिनियम व अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कराने के लिए एनईबी थाना पुलिस को पत्र दिया।