
अलवर. शहर के ईटाराणा रोड पर ओवरलोड वाहनों का कब्जा है। जिसमें आमजन ही नहीं सेना के वाहन और जवान भी फंस रहे हैं। अब जैसे ही सरसों फसल की पैदावार मण्डी पहुंचने लगी है, वैसे-वैसे ओवरलोड तूड़ी के ट्रक-ट्रैक्टर व डम्परों की सडक़ पर भरमार होने लगी है। जिसके कारण न केवल वाहन जाम में फंस रहे हैं बल्कि दुर्घटना भी हो रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी कार्रवाई करने की बजाय यह सब दिेखने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
ईटाराणा छावनी का एक ही रास्ता
अलवर जंक्शन के ईटाराणा छावनी जाने का यही एकमात्र मुख्य रोड है। जिससे दिन भर सेना के छोटे व बड़े वाहन निकलते हैं। ईटाराणा पुल उतरते ही रोड पर डम्पर, ट्रक व ट्रैक्टर सडक़ पर खड़े कर दिए जाते हैं। तूड़ी वाले वाहन तो इतने ओवरलोड हैं कि एक वाहन ही पूरी सडक़ को घेर लेता है। दूसरे वाहन को उधर से निकलना है तो सडक़ के नीचे से जाना पड़ता है। लगातार ओवरलोड वाहनों की आवाजाही होने के कारण इस मार्ग पर जाम लगा रहता है। दिन में कई बार जाम की स्थिति बन जाती है।
निजी सुरक्षाकर्मी भी लगाए
ये ज्यादातर वाहन एक ही बड़ी फैक्ट्री में आते हैं। आए दिन जाम होने पर आपत्ति होने लगी तो इस फैक्ट्री की ओर से कुछ निजी कर्मचारी भी लगा दिए। लेकिन उसके बावजूद भी जाम लगना बंद नहीं हुआ। बल्कि ओवरलोड आने वाले वाहनों को संरक्षण मिला है। जिसके कारण ओवरलोड वाहन संचालक बिना किसी डर के यहां लाकर वाहनों को खड़ा कर देते हैं।
कर रहे हैं कार्रवाई
ओवरलोड वाहन मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाती है। ईटाराणा रोड पर ओवरलोड वाहनों के अधिक आने की शिकायत है तो उसे दिखवाकर जांच करा लेते हैं।
रानी जैन, आरटीओ, अलवर