अलवर

पत्रिका स्टिंग: गांजा तस्कर बोला- साहब पुलिस से सेटिंग है, आप क्यों परेशान कर रहे हो…

स्टिंग करने के बाद पत्रिका टीम दूसरे दिन फिर खारबास कच्ची बस्ती पहुंची। टीम को देखते ही कार में से उतरकर दो तस्कर आए। गिरोह का सरगना बोला- साहब पुलिस से सेटिंग है, आप
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Nov 09, 2024
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स्टिंग के दौरान ली गई तस्वीर

अलवर के युवाओं की नसों में चरस-गांजे का जहर घोल रहे नशे के सौदागरों में पत्रिका के खुलासे के बाद हड़कप मचा हुआ है। तस्कर अपने घरों में छिप गए हैं और गुर्गों को फरार कर दिया है। काम भी फिलहाल बंद है। तस्कर अपनी बस्ती में आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर निगरानी रख रहे हैं। पत्रिका टीम शुक्रवार को दूसरे दिन फिर शिवाजी पार्क के खारबास कच्ची बस्ती में पहुंची।

टीम को देखते ही कार में से उतरकर दो तस्कर आए। गिरोह का सरगना बोला- साहब पुलिस से सेटिंग है, आप क्यों परेशान कर रहे हो। मेरे खिलाफ 37 मुकदमे दर्ज हैं और क्या काम करें। बस्ती में पानी की टंकी के पास सड़क पर गुरुवार को गांजा बेचने और खरीदने वालों की भीड़ थी, वो सड़क शुक्रवार को सुनसान थी। यहां न तो नशे के सौदागर और न ही खरीदार नजर आए। पत्रिका टीम के बाइक रुकते ही पीछे से तेज रतार में कॉफी कलर की कार आकर रुकी।

कार में दो युवक उतरे जिसमें से एक काले रंग की टी-शर्ट तो दूसरे ने सफेद शर्ट और काली टोपी लगाई हुई थी। ये दोनों युवक तेज कदम बढ़ाते हुए पत्रिका टीम के पास आए और हाथ जोड़कर खड़े हो गए। काली टी-शर्ट वाले ने खुद को सरगना बताया और बोला…साहब पुलिस से तो हमारी सेटिंग है, आप क्यों परेशान कर रहे हो। थोड़ा ध्यान रखो। बच्चे पालने दो। 37 मुकदमे दर्ज हैं। राजपासा भी लग गया। अब और क्या काम करें। मैंने काम बंद कर दिया। अब मेरे लड़के काम कर रहे हैं।

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तस्कर की जुबानी

खारबास कच्ची बस्ती इलाके में ही कुछ दूरी पर एक युवक मिला। जिसने खुद को तस्करों का गुर्गा बताया। नाम न छापने की शर्त पर उसने बताया कि वे लोग पुलिस को 30 हजार रुपए मंथली देते हैं। पत्रिका की खबर छपने के बाद उनके पास एक पुलिसवाले का फोन आया और वह बोला कि अखबार में खबर छपने के बाद अफसरों का प्रेशर है। एक मुकदमा देना पड़ेगा। जिसकी फोटो छपी है उसे पेश कर दो।

पत्रिका की खबर के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया

शहर में जगह-जगह हो रहे चरस-गांजा के अवैध कारोबार को लेकर पत्रिका के स्टिंग ऑपरेशन के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। जिला पुलिस अधीक्षक संजीव नैन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीओ सिटी अंगद शर्मा के नेतृत्व में दो टीमें तस्करों की धरपकड़ के लिए गठित की है। एक टीम में आठ पुलिसकर्मी शामिल हैं तथा दूसरी आठ सदस्यीय डीएसटी (डिस्ट्रिक स्पेशल टीम) को लगाया गया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि तस्करों की धरपकड़ के लिए शुक्रवार को आधा दर्जन से ज्यादा संभावित ठिकानों पर दबिशें दी गई, लेकिन खबर छपने के बाद तस्कर फरार हो गए हैं। इस कारण किसी की गिरतारी नहीं हो सकी। विशेष प्लानिंग के साथ जल्द ही उनकी धरपकड़ की जाएगी।

सख्त कार्रवाई होगी

अलवर में चरस-गांजा का अवैध कारोबार कर रहे तस्करों के खिलाफ सती से कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस की दो टीमों का गठन किया गया है। - संजीव नैन, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर

Updated on:
09 Nov 2024 12:14 pm
Published on:
09 Nov 2024 12:14 pm