अलवर जिले में आज पीपल पूर्णिमा के अबूझ सावे पर शादियों की जबरदस्त धूम रहेगी और बाजारों में रौनक साफ नजर आ रही है। हालांकि, व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने शादी वाले परिवारों और कारोबारियों की चिंता भी बढ़ा दी है।
अलवर जिले में पीपल पूर्णिमा के अबूझ सावे पर आज शहनाइयां गूंजेंगी और शहर से लेकर गांव तक शादी समारोहों की धूम देखने को मिलेगी। इस खास मौके पर पूरे जिले में 250 से ज्यादा शादियां होने का अनुमान है। बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भारी भीड़ है। जिससे मिठाई, फूल, सब्जियों और सजावट के सामान की मांग काफी बढ़ गई।
हालांकि, इस खुशियों भरे माहौल के बीच महंगाई ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एकदम से 993 रुपए की बढ़ोतरी हो गई है। अब 19 किलो का सिलेंडर 2106 रुपए की जगह 3099 रुपए में मिलेगा। इसका सीधा असर शादी समारोहों पर पड़ रहा है, क्योंकि हलवाई और कैटरिंग में इसी गैस का इस्तेमाल होता है।
कैटरिंग से जुड़े लोगों का कहना है कि गैस महंगी होने से मिठाई और खाने के दाम बढ़ाना मजबूरी हो गई है। इसका असर शादी वाले परिवारों के बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में भी खाने-पीने की चीजें महंगी होने की संभावना है।
राहत की बात यह है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन छोटे सिलेंडर पर भी महंगाई का असर पड़ा है। 5 किलो वाले सिलेंडर का रिफिल अब 591 रुपए की जगह 833 रुपए में मिलेगा, जिससे दिहाड़ी मजदूरों और प्रवासी श्रमिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। कुल मिलाकर, एक तरफ जहां शादियों की खुशियां चरम पर हैं, वहीं दूसरी ओर महंगाई ने इन खुशियों का बजट थोड़ा बिगाड़ दिया है।
पंडितों के अनुसार पीपल पूर्णिमा का दिन बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन विवाह के लिए कुंडली या मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती, इसलिए इसे अबूझ सावा कहा जाता है। अक्षय तृतीया के बाद यह सबसे बड़ा सावा माना जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों की शादी करना पसंद करते हैं।
शहर के मैरिज होम और गार्डन भी पूरी तरह बुक हैं और इस बार खासतौर पर महरून और ऑफ व्हाइट थीम की सजावट लोगों को ज्यादा पसंद आ रही है। मैरिज होम संचालकों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस सावे का खास महत्व होता है, क्योंकि इस समय खेती का काम कम रहता है और लोग आसानी से शादी समारोह आयोजित कर लेते हैं।
पीपल पूर्णिमा पर जिले में 250 से ज्यादा शादियां होंगी। अकेले अलवर शहर में 80 से ज्यादा शादियां होंगी। कोटा में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में टेंट व्यवसासियों को पाबंद किया गया है कि बाल विवाह में टेंट नहीं लगाएंगे। यदि ऐसा करते हैं, तो उनकी शिकायत की जाएगी। अलवर में भी इसकी पालना की जा रही है। - अतुल शर्मा, संभाग अध्यक्ष जयपुर, राजस्थान टैँट डीलर किराया व्यवसाय समिति