
बहरोड़. बहुचर्चित पहलू खां हत्या मामले में सुनवाई के लिए जा रहे पहलू खां के बेटे और वकील पर फायरिंग करने का मामला झूठा निकला है। पहलू खां के केस को बहरोड़ से बाहर के कोर्ट में ले जाने के लिए फायरिंग और हमले की झूठी कहानी रची गई थी। पुलिस ने जांच के बाद सोमवार को यह खुलासा किया है। अब पुलिस ने शिकायतकर्ताओं के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करवाने को लेकर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है। पत्रिका ने इस मामले में झूठी कहानी रचे जाने का संदेह जताते हुए सोमवार को प्रकाशित अंक में इसका खुलासा कर दिया था।
बहरोड़ पुलिस उपाधीक्षक कुशालसिंह ने बताया कि पहलू के परिजन और वकील ने हत्या कांड और गोतस्करी के दर्ज मामलों को बहरोड़ से तिजारा या अलवर कोर्ट में स्थानांतरित करवाने के लिए यह षड्यंत्र रचा था। उन्होंने जांच का खुलासा करते हुए बताया कि घटनास्थल पर फायरिंग के कोई सबूत नहीं मिले हैं। घटनास्थल के पास स्थित मोती महल होटल के सीसीटीवी फुटेज में इनकी बोलेरो गाड़ी सुबह 9 बजकर 4 मिनट पर होटल के सामने से निकल रही है। उसके आधा घंटे बाद तक कोई स्कार्पियो गाड़ी नहीं निकली। जबकि इन्होंने ब्लैक रंग की स्कार्पियो गाड़ी फायरिंग करने वाले बदमाशों की होने के आरोप लगाए हंै।
पुलिस ने बताया कि घटना के करीब 45 मिनट तक कोई ब्लैक रंग की गाड़ी हाइवे से उस ओर नहीं गुजरी थी। नीमराणा के जिस स्थान पर दूघेड़ा के पास फायरिंग होना बताया लेकिन उसके पास होटल और ढाबे पर मौजूद लोगों में से किसी ने घटना की तस्दीक नहीं की। घटना के बाद पहलू खां के बेटे, वकील और गवाहों ने पुलिस को 3 घंटे तक सूचना नहीं दी और वह मीडिया में मामले का प्रचार करते रहे। उपाधीक्षक ने बताया कि पुलिस की जांच में यह मामला झूठ निकला है। पुलिस अब इनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।