अलवर

अब होगी महंगाई की धमाकेदार एंट्री, रसोई का बजट बिगड़ेगा

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं। लाजमी है कि अब सड़क परिवहन के जरिए आमजन तक पहुंचने वाली सभी वस्तुएं महंगी होंगी। चाहे दूध, सब्जी, दाल—चावल हों या फिर बिल्डिंग मैटेरियल का सामान। ऐसे में लोगों का बजट बिगड़ेगा। हालांकि एक साथ महंगाई नहीं आएगी, लेकिन धीरे—धीरे वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी। यही नहीं घरों तक ऑनलाइन डिलीवरी के जरिए मंगवाया जाने वाला सामान भी महंगा होगा।

2 min read
May 17, 2026
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से महंगी होंगी सब्जियां

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के साथ ही महंगाई की एंट्री होने वाली है। तेल महंगा होने से साफ है कि माल ढुलाई के दामों में भी बढ़ोतरी होगी और इससे सब्जी, दाल-चावल और रसोई में इस्तेमाल होने वाली लगभग हर चीज महंगी होगी। ऐसे में रसोई का बजट बिगड़ना तय है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई अचानक नहीं आएगी, लेकिन जैसे-जैसे परिवहन महंगा होगा वैसे ही दामों में बढ़ोतरी होना शुरू हो जाएगी।
इसलिए बढ़ेंगे दाम
पेट्रोल-डीजल को परिवहन व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। सब्जियां, फल, दूध, दवाई, पैकेज्ड फूड और रोजमर्रा का सामान ले जाने वाले ज्यादातर वाहन डीजल से चलते हैं। बसें, ट्रैक्टर, जनरेटर और कमर्शियल वाहन भी डीजल पर निर्भर हैं। घरों में ऑनलाइन डिलीवरी के लिए बाइक का प्रयोग होता है, वह पेट्रोल से चलती है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से स्वत: ही अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ना शुरू हो जाएंगी।
खानपान की वस्तुओं पर दिखेगा सर्वाधिक असर
ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ने से सब्जियां, फल, दूध, दही, पनीर, अनाज, खाने का तेल और पैकेज्ड फूड की कीमतें बढ़ना तय माना जा रहा है। अलवर जिले में जितना भी फल आता है, वह दूसरे राज्यों से ट्रकों के माध्यम से आता है। कई बार दूरी होने की वजह से कोल्ड स्टोरेज या रेफ्रिजरेटेड वाहनों की जरूरत होती है, जिनमें अतिरिक्त ईंधन खर्च होता है। जो सीधे तौर पर वस्तुओं के दाम बढ़ाएगा।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी भी होगी महंगी
अलवर शहर में लगातार ऑनलाइन खाने की चीजें मंगवाने का चलन बढ़ा है। पेट्रोल महंगा होने पर कंपनियां डिलीवरी फीस, प्लेटफॉर्म या हैंडलिंग चार्ज, पीक टाइम में सर्ज प्राइसिंग और न्यूनतम ऑर्डर राशि बढ़ा सकती हैं। एक बार में 10-20 रुपए का अतिरिक्त खर्च बढ सकता है।
फसलों पर भी पड़ेगा असर
खेतों पर भी इस महंगाई का असर देखने को मिलेगा। किसान ट्रैक्टर, सिंचाई पंप और फसल कटाई मशीनों में डीजल का इस्तेमाल करते हैं। इसके महंगा होने से खेती की लागत बढ़ेगी तो आगे चलकर इसका असर फसलों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

Published on:
17 May 2026 11:08 am
Also Read
View All