
पानी की बोतल उपयोग में लेने के बाद मन चाहे जहां फेंकने की बजाय अलवर रेलवे जंक्शन के भीतर लगी मशीन में डालिए। जिससे आपको रिवार्ड मिलेंगे। उस आधार पर दूसरी पानी की बोतल या कोई अन्य वस्तु रेलवे स्टेशन या बाहर से खरीदेंगे तो उसके रिवार्ड मिलेंगे। मतलब निर्धारित मूल्य से सस्ती मिलेगी।
अलवर रेलवे जंक्शन पर रिसाइक्लिंग मशीन प्लेटफॉर्म नम्बर एक पर लगाई गई है। मशीन के अन्दर बोतल डालने पर आपको मोबाइल नम्बर भी फीड करना पड़ेगा। उसके बाद रसीद मिलेगी। इस रसीद को रिवार्ड माना जाएगा। जिसे देखाकर जंक्शन या बाहर से कोई अन्य वस्तु खरीदेंगे तो सस्ती मिलेगी। मशीन लगाए जाने के बाद यात्री जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं। इसका उपयोग करना शुरू भी कर दिया है।
यूं काम करती है मशीन
मशीन प्लास्टिक को क्रश करती है। इस प्लास्टिक का चूरा एक ट्रे में एकत्रित होता है। इस चूरे को रिसाइकिल प्लांट में भेज कर इससे फिर से नई सामग्री बनाई जा सकती है। जैसे— डस्टबिन, टॉयलेट केबिनेट आदि।
पर्यावरण संरक्षण में योगदान
प्लास्टिक की बोतलों को लोग अक्सर इधर उधर फेंक देते हैं। इससे पर्यावरण को काफी नुकसान होता है। पर्यावरण संरक्षण में योगदान और प्लास्टिक बोतलों का निस्तारण करने के उद्देश्य से ही रेलवे स्टेशन पर गुरुवार से री-साइक्लिंग मशीन शुरू की गई है।