अलवर

पुलिस का ‘साइबर संग्राम’ 222 गुम मोबाइल बरामद, 72 लाख से अधिक राशि होल्ड कराई

अलवर जिले में साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘साइबर संग्राम 2.0’ के तहत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठगों के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है।

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Mar 26, 2026
representative picture (patrika)

अलवर जिले में साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘साइबर संग्राम 2.0’ के तहत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठगों के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है। एक जनवरी 2026 से अब तक की गई कार्रवाई में साइबर ठगी की 72 लाख 60 हजार 874 रुपए की राशि होल्ड कराई गई है, जबकि 17 लाख 13 हजार 598 रुपए परिवादियों के खातों में वापस दिलवाए गए हैं।

इसके अलावा सीईआइआर पोर्टल के माध्यम से 222 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके मालिकों को सौंपा गया। साथ ही समन्वय पोर्टल पर कार्रवाई करते हुए 60 प्रकरण दर्ज कर 78 साइबर अपराधियों को चिन्हित किया गया है। इनकी गिरफ्तारी और सत्यापन के लिए 51 वारंट व नोटिस अन्य जिलों और राज्यों में भेजे गए हैं।

जागरुकता ही साइबर ठगी के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार

एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में अंतरराज्यीय स्तर पर भी अलवर पुलिस की सक्रियता देखने को मिली है। अब तक 13 साइबर अपराधियों को दस्तयाब कर दिल्ली, हरियाणा, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और छत्तीसगढ़ पुलिस को सुपुर्द किया गया है। साइबर सेल ने ठगी में प्रयुक्त 1 लाख 90 हजार 377 मोबाइल (1 लाख 37 हजार 181 सिम और 53 हजार 196 आईएमईआई) ब्लॉक कर ठगों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। साथ ही जागरूकता के मोर्चे पर भी पुलिस ने व्यापक अभियान चलाया है। जिलेभर में 569 शिविरों के जरिए पुलिस मित्र, सुरक्षा सखी और सीएलजी सदस्यों के सहयोग से 43 हजार 412 लोगों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए गए हैं। उनके अनुसार जागरुकता ही साइबर ठगी के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।

ऐसे बचें साइबर ठगी से

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ओटीपी और पिन नंबर किसी से साझा नहीं करें। ऑनलाइन बैंकिंग के लिए मजबूत पासवर्ड रखें और जन्मतिथि या मोबाइल नंबर को पासवर्ड न बनाएं। लॉटरी, कैशबैक, जॉब या गिफ्ट जैसे ऑनलाइन प्रलोभनों से दूर रहें। यूपीआई का उपयोग केवल भुगतान के लिए करें, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं। सोशल मीडिया अकाउंट पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें और अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट या वीडियो कॉल स्वीकार न करें।

गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च करने के बजाय आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। पब्लिक वाई-फाई पर बैंकिंग लेनदेन से बचें और किसी भी अनजान लिंक या क्यूआर कोड को स्कैन न करें। यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। अलवर निवासी 8764874306 पर भी संपर्क कर सकते हैं या नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हैं।

Published on:
26 Mar 2026 11:05 am
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