अलवर

बाघिन एसटी-2 की मौत के बाद आज होगा पोस्टमार्टम, राजमाता के नाम से थी चर्चित

सबसे अधिक उम्र की बाघिन होने के कारण सरिस्का में यह राजमाता के नाम से चर्चित थी। सरिस्का को बाघों से खुशहाल करने में इस बाघिन की बड़ी भूमिका रही।  

less than 1 minute read
Jan 10, 2024
death of tigress ST-2

सरिस्का टाइगर रिजर्व की सबसे उम्रदराज बाघिन एसटी-2 ने मंगलवार को 19 साल की उम्र में दम तोड दिया। यह बाघिन लंबे समय से बीमार होने के कारण एनक्लोजर में थी। इसे वर्ष 2008 में रणथंभौर से लाया गया था। सबसे अधिक उम्र की बाघिन होने के कारण सरिस्का में यह राजमाता के नाम से चर्चित थी। सरिस्का को बाघों से खुशहाल करने में इस बाघिन की बड़ी भूमिका रही।

आज पशु चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम कर दाह संस्कार किया जाएगा। इसी मौके पर वन मंत्री संजय शर्मा भी सरिस्का पहुंच सकते हैं। बाघिन एसटी-2 का सरिस्का में बहुत बड़ा योगदान रहा है। सरिस्का में बाघों का आधा कुनबा बाघिन एसटी-2 का ही है। सरिस्का विहीन होने के बाद 2008 में बाघिन को रणथंभौर से शिफ्ट किया गया था। इसी को लेकर वन प्रेमियों में काफी निराशा है। अलवर शहर विधायक वन मंत्री संजय शर्मा का कहना है जिस प्रकार से एक बुजुर्ग का साया परिवार पर रहता है उसी प्रकार से राजमाता की छत्रछाया सरिस्का पर बनी रही बीमारी से मौत हुई है यह बहुत ही दुखद घटना है।

सरिस्का में बाघों का बढ़ाया कुनबा

बाघिन एसटी-2 ने सरिस्का में बाघों का कुनबा भी खूब बढ़ाया। इस बाघिन ने सरिस्का में बाघिन एसटी-7, बाघिन एसटी-8, बाघ एसटी-13, बाघिन एसटी-14 को जन्म दिया। हालांकि बाघिन एसटी 7 व 8 की कोई संतान नहीं हुई, लेकिन बाघिन एसटी-14 ने सरिस्का में बाघों का कुनबा बढ़ाया। वहीं, बाघ एसटी-13 वर्तमान में लापता है, लेकिन इस बाघ की सरिस्का को बाघों से खुशहाल करने में बडी भूमिका रही है।

Published on:
10 Jan 2024 12:37 pm
Also Read
View All