
जिलेभर में शनिवार को आए अंधड़ ने बिजली व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। मेंटेनेंस के दावों की हकीकत भी सामने आ गई। अंधड़ के चलते 306 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार रात को भी कई गांव अंधेरे में डूबे रहे। बिजली निगम के अनुसार जिले में बिजली के 514 पोल टूट गए, जबकि 62 स्थानों पर ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा 89 गांवों की 11 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया। सबसे ज्यादा नुकसान कठूमर के 54 गांवों और गोविंदगढ़ के 41 गांवों में हुआ। रविवार सुबह से ही विभाग की टीमें फॉल्ट सुधारने में जुट गई। कई क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे की मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी, जबकि कुछ जगहों पर देर शाम तक काम जारी रहा।
बाजारों में बिखरा सामान, सड़कों पर गिरे पेड़
गोविंदगढ़ कस्बे में आंधी से बाजारों में अफरा-तफरी मच गई। दुकानों के बाहर रखा सामान सड़क पर बिखर गया और टीनशेड उखड़कर दूर जा गिरे। कई जगह पेड़ व बिजली पोल गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ।
धूलभरी आंधी से विजिबिलिटी घटी
कोठी नारायणपुर में धूलभरी आंधी के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई, जिससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में हुई हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
कहीं इंद्रधनुष, कहीं दहशत
अलावड़ा क्षेत्र में आंधी और बूंदाबांदी के बीच आसमान में इंद्रधनुष का मनमोहक दृश्य नजर आया, जिसे लोगों ने मोबाइल में कैद किया। वहीं रामगढ़ में तेज आंधी के साथ बिजली चमकने से लोग सहम गए और दुकानदारों ने एहतियातन सामान समेट लिया।
राजगढ़-टहला में भारी नुकसान
राजगढ़ व टहला क्षेत्र में अंधड़ का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। यहां कई जगह एलटी लाइनें टूट गईं और करीब 30 बिजली पोल व ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। विभाग की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी रहीं।
Published on:
04 May 2026 11:11 am
