वर्षों से नवनिर्माण की उम्मीद लगाए बैठे हैं ग्रामीण
रैणी. क्षेत्र में जर्जर सड़कों के हालात नहीं सुधर पाए। इससे राहगीर व वाहन चालक बेहाल हैं। वर्षों से इनकी मरम्मत व नवीनीकरण की लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि विधानसभा में क्षेत्र से नेता प्रतिपक्ष के अलावा अलवर जिले से एक कैबिनेट मंत्री व एक राज्यमंत्री होने के बाद भी जनजाति बहुल क्षेत्र में सड़कों की बदहाली लगातार बढ़ती जा रही है। वर्षों से मरम्मत के अभाव में ये सड़कें अब गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे इन पर चलना मुश्किल हो गया है। बारिश के दिनों में इन मार्गों पर और भी मुश्किल हो जाती है। कई बार तो वाहन फंसने से घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहती है। साथ ही इन पर गुजरने से साधनों में भी नुकसान हो रहा है।इस क्षेत्र के मार्ग बदहालपरबैनी से इटोली, परबैनी से यज्ञशाला, रैणी से माचाड़ी, टहटड़ा से डेरा, सैंथल, डेरा से भुलेरी, जामड़ोली तथा पथरोड़ा तिराहा से भूड़ा, रैणी से करणपुरा जाने वाले मार्ग जर्जर हो चुके। गहरे गड्ढे होने से आए दिन हादसे होते हैं। यादराम मीणा, डीसी सैनी आदि ने बताया कि बार-बार शिकायतों और मांग के बावजूद अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विद्यालय जाने वाले बच्चे, मरीज और आमजन रोजाना जोखिम उठाकर इन मार्गों से गुजरने को मजबूर हैं। यदि जल्द मार्गों का नवीनीकरण शुरू नहीं हुआ तो वे रणनीति बनाकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। रैणी क्षेत्र में सड़कों की यह दुर्दशा विकास कार्यों की हकीकत को उजागर कर रही है।
गारंटी की खानापूर्तिरैणी मुख्यालय पर सार्वजनिक निर्माण विभाग में एक एईएन व दो जेईएन के पद स्थापित है, लेकिन हालत यह है कि गुणवत्ता हीन निर्माण कार्य होने से सड़क कुछ ही महीनों में उखड़ जाती है। आरोप है कि फिर उस पर गारंटी की खानापूर्ति कर फर्म को लाभ देने के लिए समय निकाल दिया जाता है। पेंचिंग कार्य भी सही नहीं किए जाते। रैणी से मंडावर मार्ग तो इतना खराब हो चुका है कि कुछ समय की दूरी एक घंटे में पूरी होती है। इटोली से दानपुर यज्ञशाला का हाल यह है कि इस मार्ग पर कई वर्षों से फर्म की ओर से काम करने के बहाने खोद कर पटक रखा है।
कार्य शुरू कराएंगे
इटोली से दानपुर मार्ग वाला ठेकेदार बीमार है। जल्द काम शुरू करवाएंगे। कई मार्गों पर काम किया जा रहा है। डेरा मार्ग आरएसआरडीसी के अधीन है।भूरी सिंह, अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग।