
सरिस्का टाइगर रिजर्व के कोर, बफर व क्रिटिकल टाइगर हैबीटेट (सीटीएच) एरिया में चल रहे 76 होटलों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई। प्रशासन ने संबंधित एसडीएम को पूर्व में जारी किए गए नोटिस के आधार पर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इससे होटल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आदेश जारी किए हैं। जिसमें कहा है कि सरिस्का की जमीन व सीटीएच से एक किमी के दायरे में कोई कॉमर्शियल गतिविधि नहीं चल सकती।
एनजीटी ने भी प्रशासन को कार्रवाई के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। इसे देखते हुए अब कार्रवाई की तैयारी चल रही है। सिलीसेढ़ में 14, अजबगढ़ में 22, टहला में 34 होटल इस दायरे में आ रहे हैं। सिलीसेढ़ व अजबगढ़ सरिस्का का बफर एरिया है। टहला में होटल सीटीएच से एक किमी के दायरे में बने हुए हैं। प्रशासन ने कार्रवाई करने के लिए कदम पहले उठाए, लेकिन बाद में बैकफुट पर आ गए। अब कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है।
एनजीटी में याचिका दायर करने वाले राजेंद्र तिवारी का कहना है कि प्रशासन ने सरिस्का के नाम 57 हजार हेक्टेयर जमीन कर दी है। अब इस जमीन पर बने होटल-रेस्टोरेंट पर भी कार्रवाई करनी होगी। यह इलाका वन्यजीवों के संरक्षण के लिए है। एनजीटी के आदेश का पालन अफसरों को करवाना होगा।
सरिस्का के कोर, बफर एरिया में जो होटल व रेस्टोरेंट आए हैं, उन पर कार्रवाई के लिए संबंधित एसडीएम को आदेश दिए गए हैं। साथ ही वह रिपोर्ट भी देंगे। - मुकेश कायथवाल, एडीएम प्रथम