
शिक्षक के तबादले पर धरना-प्रदर्शन (फोटो - पत्रिका)
हरसौली कस्बे के पास झाड़का गांव में सोमवार सुबह 7:30 बजे से ही तनाव का माहौल देखने को मिला। गांव के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक तेजवीर सिंह का स्थानांतरण किशनगढ़ बास ब्लॉक के मजोठगी स्कूल में किए जाने से ग्रामीण बेहद आक्रोशित हो गए। गुस्से में आए ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और बाहर धरने पर बैठ गए। सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक चले इस प्रदर्शन में तेज धूप और भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र-छात्राएं और स्कूल स्टाफ मौके पर डटे रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक तेजवीर सिंह ने अपने प्रयासों से इस स्कूल की तकदीर बदल दी थी। एक समय ऐसा था जब बच्चों की संख्या कम होने के कारण यह स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच गया था। लेकिन तेजवीर सिंह ने भामाशाहों और ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल का कायाकल्प कर दिया। उनके प्रभावी प्रबंधन और प्रयासों के चलते ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विद्यालय के नामांकन में करीब 300 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा भामाशाहों के सहयोग से स्कूल में बच्चों के लिए कई नि:शुल्क सेवाएं शुरू कराई गईं और नए कमरों का निर्माण कार्य भी चल रहा है।
चार घंटे तक चले इस हंगामे और स्कूल बंदी की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अमला हरकत में आया। जिला शिक्षा अधिकारी रमेश मेघ, कोटकासिम सीबीओ ओमप्रकाश वर्मा, हरसौली तहसीलदार राजेश कुमार शर्मा और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों से लंबी वार्ता की और स्थिति को शांत कराया।
जिला शिक्षा अधिकारी रमेश मेघ ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी भावनाओं और बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अध्यापक तेजवीर सिंह को फिलहाल मंगलवार से शिक्षण व्यवस्था के तहत पुनः झाड़का विद्यालय में ही तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीणों की मांग पर उनके स्थायी पदस्थापन को रद्द करने का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजा जाएगा। अधिकारी के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने ताला खोला और धरना खत्म किया। धरना स्थल पर ग्राम पंचायत प्रशासक शीशराम चौधरी, किसान महापंचायत के तहसील अध्यक्ष शेर सिंह चौधरी, सूबेदार दयाराम कटारिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
Updated on:
27 Jul 2026 03:53 pm
Published on:
27 Jul 2026 03:53 pm
