
अलवर जिला अस्पताल (फाइल फोटो - पत्रिका)
सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की एक सर्वे रिपोर्ट कहती है कि जिला अस्पताल में शामिल तीनों सरकारी अस्पताल यानि सामान्य , महिला और शिशु अस्पताल में कई ऐसे भवन हैं, जो जर्जर एवं असुरक्षित हैं। इनको तत्काल खाली कराकर इनका उपयोग बंद कर देना चाहिए। इनकी जगह नए भवन बनने चाहिए। यह रिपोर्ट एक्सईएन अलका व्यास ने 8 जुलाई को पीएमओ को भेजी थी। इस रिपोर्ट में 7 जुलाई को हुए संयुक्त निरीक्षण का हवाला भी दिया गया है।
हैरानी की बात है कि इस रिपोर्ट को 12 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन अभी तक इस रिपोर्ट पर अमल शुरू नहीं हुआ है। सबसे ज्यादा खराब हालत सामान्य अस्पताल में स्थित पुरानी मोर्चरी की है। रविवार को यहां की जगह तीन साल पहले बनी नई मोर्चरी में शवों का पोस्टमार्टम शुरू करने के आदेश जारी हो गए हैं, लेकिन यहां डीप-फ्रीजर नहीं है। पीएमओ डॉ. प्रवीण शर्मा का कहना है कि डीप-फ्रीजर को शिफ्ट करने का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। शिशु अस्पताल के जर्जर भवनों के बंद करा दिया है। सामान्य और महिला अस्पताल में भी वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
अत्यधिक क्षतिग्रस्त हिस्सों की अस्थायी मरम्मत संभव नहीं है। ऐसे भवनों को उपयोग से बाहर कर तोड़कर पुनर्निर्माण कराया जाना चाहिए तथा तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। जर्जर घोषित भवनों का उपयोग जारी रखना उचित नहीं है और किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी सार्वजनिक निर्माण विभाग की नहीं होगी।
सामान्य अस्पताल: पुराना मोर्चरी भवन, डीसी चैम्बर के पास बना पुरुष शौचालय, मुख्य ब्लॉक को इंडोर से जोड़ने वाली गैलरी का जॉइंट व मैस ऑफिसर के साथ मैस भवन एवं स्टडी रूम (ऑपरेशन थिएटर के सामने) को अत्यंत जर्जर (असुरक्षित) माना है। कैशियर कक्ष व उसके बायीं तरफ बना कक्ष, नेत्र वार्ड व कॉरिडोर, ठेका सुपरवाइजर रूम, डीडीसी नं. 2,4,7 व 12 और पुरुष व महिला वार्ड के सामने की गैलरी व छत तथा साइक्रेटिक पुरुष, महिला वार्ड व शौचालय की तत्काल मरम्मत करानी होगी।
महिला चिकित्सालय : एसएलआर, शल्य कक्ष व उससे लगती हुई गैलरी, एसएलआर के बाहरी छज्जे व आइसीयू के छज्जों को रिपोर्ट में अत्यंत जर्जर स्थिति में बताया गया है। एसएलआर वार्ड के शौचालय को मरम्मत योग्य माना गया है।
शिशु चिकित्सालय : प्रवेश द्वार से एमटीसी जाने वाली साढ़ियों की छत व छज्जे, इंडोर में सीएचडब्ल्यू के सामने की गैलरी व उसकी छत, आउटडोर की तरफ जाने वाली दरवाजे के ऊपरी की बीम, एफबीएनसी स्टोर व गैलरी, वाशिंग रूम, शिशु ओपीडी व बाहरी छज्जे, एमटीसी की बहारी दीवारें व छज्जे, प्रवेश द्वार के दांयी तरफ की गैलरी व बांयी तरफ के कमरा नं. 1,2,3 एवं शौचालय व टीकाकरण कक्ष को असुरक्षित बताया गया है। शिशु वार्ड-बी व उससे लगती हुई गैलरी, शिशु वार्ड-ए, एसएनसीयू की गैलरी, उसके समीप बने कमरे, कॉरिडोर की खिड़कियों के ऊपर की बीम तथा ओपीडी ब्लॉक में जगह-जगह सीलन व प्लास्टर आदि की झड़ने की समस्या को मरम्मत कार्य के बाद उपयोग में लेने योग्य बताया ह
Updated on:
27 Jul 2026 11:59 am
Published on:
27 Jul 2026 11:59 am
