
मदन दिलावर और प्राची। पत्रिका फाइल फोटो
जितेंद्र चौधरी
अलवर। खैरथल-तिजारा जिले के इकरोटिया गांव की प्राची ने वर्ष 2024 में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा में 500 में से 500 अंक हासिल किए थे। रिजल्ट घोषित होने के कुछ ही दिन बाद प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर स्वयं छात्रा के घर पहुंचे थे और यह घोषणा की थी कि प्राची की आगे की पूरी पढ़ाई का खर्चा राज्य सरकार वहन करेगी, लेकिन अभी तक प्राची को सरकारी मदद के नाम पर एक रुपया भी नहीं मिला है।
प्राची वर्तमान में बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, पिलानी से बीटेक की पढ़ाई कर रही है। कॉलेज की फीस और अन्य खर्च मिलाकर हर साल करीब सात लाख रुपए खर्च हो रहे हैं। अब तक उसके पिता नरेन्द्र सिंह सोनी अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए करीब 14 लाख रुपए जमा करवा चुके हैं। प्राची और उसके परिवार को आज भी उच्च शिक्षा के लिए सरकारी आर्थिक मदद का इंतजार है।
प्राची के पिता नरेन्द्र सिंह सोनी ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में बेटी की उपलब्धि के बाद शिक्षा मंत्री ने घर पहुंचकर आर्थिक सहायता देने और उच्च शिक्षा का पूरा खर्च राजस्थान सरकार की ओर से उठाने की बात कही थी। इसके बाद उन्हें उम्मीद थी कि बेटी की पढ़ाई में आर्थिक परेशानी नहीं आएगी, लेकिन समय बीतता गया और सरकारी सहायता का इंतजार खत्म नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि वह और प्राची कई बार शिक्षा मंत्री से मिल चुके हैं। करीब पांच बार मंत्री कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी केवल आश्वासन ही मिला। हर बार कहा गया कि मामले को देखा जाएगा, लेकिन अब तक कोई आर्थिक सहयोग नहीं मिला है।
प्राची के पिता ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में भी सचिव के नाम पत्र देकर सहायता की मांग की थी। करीब डेढ़ साल पहले वहां से भी जल्द कार्यवाही का भरोसा मिला था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया।
प्राची ने मेहनत और लगन से 12वीं में प्रदेश में गौरव बढ़ाया था। 500 में 500 अंक हासिल करने के बाद उसे उम्मीद थी कि सरकार की घोषणा से उसकी उच्च शिक्षा आसान हो जाएगी, लेकिन वर्तमान में परिवार अपने स्तर पर लाखों रुपए खर्च कर बेटी की पढ़ाई को जारी रखे हुए है।
Updated on:
27 Jul 2026 02:35 pm
Published on:
27 Jul 2026 02:35 pm
