
मोतीडूंगरी से एसएमडी सड़क पर अंधेरा (फोटो - पत्रिका)
बारिश का सीजन शुरू होते ही रात को अलवर शहर में अंधेरा छाने लगा है, क्योंकि 250 नई रोड लाइटें खराब पड़ी हैं। पुरानी भी करीब 4 हजार रोड लाइटें खराब हैं। यह खुलासा नगर निगम के कंट्रोल रूम में पहुंचीं शिकायतों से हुआ है। नगर निगम के अधिकारियों ने अच्छी गुणवत्ता की रोड लाइटें लगाने के दावे किए थे, लेकिन ये दावे फेल हो गए। नई रोड लाइटें दगा देने लगी हैं। जबकि ये पिछले छह माह के अंदर लगाई गई हैं। ऐसी लगाई गई कुल लाइट्स की संख्या 3600 है। ऐसे में खराब हो रही रोड लाइटों से तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं।
निवर्तमान पार्षदों का आरोप है कि रोड लाइट की गुणवत्ता बेहतर होती, तो यह खराब नहीं होतीं। अलवर नगर निगम ने इसमें खेल किया है। इसकी जांच होना चाहिए। शहर में 35 हजार से अधिक रोड लाइटें लगी हैं, जिसमें अधिकतर आए-दिन खराब रहती हैं। इनकी मरम्मत के नाम पर ही खेल हो रहा है। ये अधिकतर रोड लाइटें वार्डों की हैं। प्रमुख मार्ग व पार्कों की रोशनी व्यवस्था यूआइटी के पास है। हालांकि उनकी भी व्यवस्था बेहतर नहीं है। आए दिन लाइट खराब हो रही हैं।
वार्ड नंबर 23, मनुमार्ग में तीन नई रोड लाइटें 20 जुलाई को बंद हो गईं। योगेश नामक व्यक्ति ने कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज कराई है। इसी दिन शिव कॉलोनी में एक नई रोड लाइट बंद हो गई। वार्ड नंबर 65, राठ नगर के बी ब्लॉक में नई रोड लाइट बंद पड़ी है। यह शिकायत विनोद नामक व्यक्ति ने दर्ज कराई। इसी तरह 21 जुलाई को वार्ड 38 में सामोला के पास दो नई लाइटें खराब हो गई। इसकी शिकायत महेंद्र सिंह ने दर्ज कराई। इसी तरह आए दिन पांच से दस नई रोड लाइटें खराब हो रही हैं, जबकि नई लाइट गारंटी में होती हैं।
वार्ड नंबर तीन विजय नगर में रोड लाइट खराब हो गई। रजिस्टर 3247 नंबर पर इनकी शिकायत दर्ज है। वार्ड नंबर 30 में एक निजी कॉलेज के सामने की लाइट खराब है। वार्ड नंबर 6, स्कीम 10-ए में दो लाइटें खराब हैं। इसकी शिकायत फूलचंद ने दर्ज कराई थी। वार्ड नंबर 61 में 24 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई गई कि भाजपा नेता रामहेत की गली की रोड लाइट खराब है। वार्ड नंबर 52 में तीन रोड लाइट बंद पड़ी हैं। इसी तरह अन्य जगहों से भी रोड लाइटों की हर दिन दर्जनों शिकायतें कंट्रोल रूम में आई और दर्ज की गई। कंट्रोल रूम संचालक के मुताबिक, शिकायतों को संबंधित विभाग को अवगत कराते हैं। यह लाइटें एक-दो दिन में ठीक करवा दी जाती हैं।
बारिश के कारण रोड लाइट्स में कार्बन की समस्या आ जाती है। ऐसे में वे बंद हो जाती हैं। कुछ जगह लाइन में फाल्ट आ जाता है, जिससे रोड लाइट पर असर आता है। कंट्रोल रूम में आने वाली रोड लाइट की शिकायतों का निस्तारण 24 घंटे में कर रहे हैं। नई रोड लाइट डीएलबी पीरियड में होती हैं, तो संबंधित फर्म उन्हें बदल देती है - रवीना मीना, जेईएन, रोशनी शाखा नगर निगम
Updated on:
27 Jul 2026 12:48 pm
Published on:
27 Jul 2026 12:48 pm
