मालाखेड़ा. क्षेत्र के पृथ्वीपुरा और हरिपुरा गांव में जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पेयजल योजनाएं प्रभावी संचालन के अभाव में ठप पड़ी है। करोड़ों की लागत से निर्मित जीएलआर टंकी और हौज का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है, जिससे लोगों को पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के […]
मालाखेड़ा. क्षेत्र के पृथ्वीपुरा और हरिपुरा गांव में जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पेयजल योजनाएं प्रभावी संचालन के अभाव में ठप पड़ी है। करोड़ों की लागत से निर्मित जीएलआर टंकी और हौज का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है, जिससे लोगों को पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत और जलदाय विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण योजना का संचालन प्रभावित हुआ है। स्थिति यह है कि गांव में सात बोरिंग कराए जाने के बावजूद अधिकांश बंद हैं और लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि नल कनेक्शन के नाम पर उनसे जनसहयोग राशि भी ली गई थी, लेकिन रखरखाव नहीं होने से व्यवस्था बिगड़ गई। कई स्थानों पर बिजली बिल बकाया है और मोटर खराब पड़ी है। गर्मी की शुरुआत में ही हालात बिगड़ने से लोग निजी खर्च पर पानी के टैंकर मंगाने को मजबूर हैं। आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।मोटर खराब, मरम्मत कार्य जारी
पिछले दिनों पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से टंकी पूरी नहीं भर पा रही थी। कई मोटर खराब हो गई थी। इनमें से दो मोटर चालू कर दी गई है, शेष की मरम्मत जल्द करवाई जाएगी।तुलसीदास नावलिया, प्रशासक।