
अलवर. सर्दी के दस्तक देने से पहले ही रेलवे की पटरियों पर फ्रैक्चर के सिग्नल मिलने लगे हैं। पांच दिन में गुरुवार को दूसरा सिग्नल मिला है। एक अक्टूबर को बसवा के निकट और गुरुवार को अलवर रेलवे जंक्शन पर दाउदपुर की तरफ लूप लाइन पर 3 एमएम का फ्रैक्चर हो गया। जिसके कारण इंटरसिटी, आश्रम, डबल डेकर, रानीखेत सहित चार ट्रेन प्रभावित रही। यात्रियों को करीब 40 मिनट अधिक रुकना पड़ा।
तीन दिन पहले 1 अक्टूबर को बसवा के निकट करीब 15एमएम का बड़ा फ्रैक्चर सामने आया था। उस दिन कई ट्रेनें तो फ्रैक्चर पटरी से निकल भी गई थी। इस बार जंक्शन पर ट्रैक सर्किट एरिया में फै्रक्चर होने के कारण ट्रेन के जाने के बाद भी पैनल पर लाल सिग्नल ही रह गया। जिससे यह पता चल गया कि ट्रैक सर्किट एरिया में कहीं न कहीं फ्रैक्चर हो सकता है। सुबह करीब सवा सात बजे फ्रैक्चर पकड़ में आ गया। जिसके कारण कई ट्रेनों में यात्रा कर रहे हजारों यात्रियों को आधा से पौन घण्टे तक इन्तजार करना पड़ गया।
ऐसे पकड़ में आया फ्रैक्चर
जंक्शन व रेलवे स्टेशनों पर ट्रैक सर्किट एरिया होता है। यहां पर कोई भी ट्रेन निकलती है तो पैनल पर सिग्नल बदल जाता है। लेकिन गुरुवार को अलवर जंक्शन से सुबह करीब सवा सात बजे ट्रेन के निकल जाने के बावजूद भी सिग्नल लाल ही रहा तो जांच की गई। जिसमें यह फ्रैक्चर पकड़ में आ गया।
आती व जाती सर्दी में यह समस्या
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि आती व जाती सर्दी में यह समस्या आ जाती है। गर्मियों के बाद सर्दी शुरू होने पर पटरियों में खिंचाव आता है। जिसके कारण छोटे फ्रैक्चर आ सकते हैं। सर्दी से वापस गर्मी के आने पर भी एेसा होने की संभावना रहती है।
फ्रैक्चर जंक्शन के पास, कर्मचारी पहुंचे काली मोरी
सुबह फ्रैक्चर होने की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मियों की टीम को गलत सूचना मिल गई। जिसके कारण कर्मचारी फ्रैक्चर ठीक करने का सामान लेकर पहले काली मोरी फाटक चले गए। बाद में वहां से पूरा सामान वापस लेकर जंक्शन पर ही दाउदपुर फाटक की तरफ आए। इस प्रक्रिया में करीब 10 से 15 मिनट अधिक लग गए। लाइन को दुरुस्त करने के बाद प्लेट फॉर्म नम्बर एक की लूप लाइन से गाडिय़ों को निकाला जाता रहा।