
अलवर. किसानों को फसल के दोगुने दाम मिलने से पहले ही बारिश के कारण बाजरे के सिरे में दाने में खराब होने लगे हैं। करीब 48 घण्टे में अलवर शहर में 56 और नीमराणा में 80 मिमी बारिश हुई है। इसी तरह जिले भर के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का आंकड़ा भी अलग-अलग है। जहां लगातार बारिश हो रही है वहां फसल अधिक खराब हो रही है। कपास की खेती भी प्रभावित हो रही है। अलवर जिले में करीब 55 करोड़ रुपए की बाजरे की फसल को नुकसान हुआ है।
खासकर बाजरे की अगेती फसल में अधिक नुकसान है। जिन खेतों की कटाई हो चुकी है और अनाज खेतों में पड़ा है उनमें दाने नमीयुक्त होकर कमजोर पड़ रहे है। एक-दो दिन इसी तरह बारिश चलती रही तो दाने काले पडऩे लग सकते हैं। मौसम नहीं खुलने से खेतों में फसल की कटाई नहीं हो पा रही है। कड़बी भी खेतों में पड़े-पड़े खराब हो रही है। जिससे किसानों को अधिक नुकसान हो सकता है। किसानों का कहना है कि देा-तीन महीने पहले ही सरकार ने फसल का दोगुना दाम करने की घोषणा की है। उससे पहले ही बारिश के कारण खेती बिगडऩे लगी हैं। कृषि उप निदेशक पीसी मीणा का कहना है कि अलवर जिले में बाजरे की खेती को नुकसान हुआ है जबकि कपास को भी नुकसान होने की संभावना है।
कहां-कितनी बारिश दर्ज
जिले में पिछले 48 घण्टे में सबसे अधिक नीमराणा में 80, अलवर शहर में 56, किशनगढ़बास में 25, बानसूर में 14, तिजारा में 12, कठूमर में 9, मालाखेड़ा में 10, राजगढ़ में 25, रामगढ़ 20, सिलीसेढ़ में 48, कोटकासिम में 40, सोडावास में 26 सहित शेष क्षेत्रों में 10 से 20 मिमी बारिश दर्ज की गई है। कहीं कम कहीं अधिक बारिश हुई है। जिससे बांधों के जल स्तर में कोई अधिक फर्क नहीं आया है।