
पांच साल पहले के विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार प्रचार का तरीका बदल गया है, जहां पहले प्रत्याशी व समर्थक घर-घर जाकर लोगों से सम्पर्क कर वोट मांगा करते थे, वही काम अब सोशल मीडिया के माध्यम से ज्यादा हो रहा है। प्रत्याशियों व पार्टियों ने सोशल मीडिया प्रकोष्ठ भी बना रखे हैं। फिलहाल प्रत्याशी की टीम जनसम्पर्क की जानकारी सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं। यह चलन पिछले 5 साल से तेजी से बढ़ा है।
पल-पल की दे रहे सूचना
सोशल मीडिया से जुड़े समर्थक प्रत्याशी की पल-पल की सूचना अपलोड कर रहे हैं। जीत के दावे के साथ उसका गणित भी बताया जा रहा है। समर्थक अपने साथ प्रत्याशी की सेल्फी भी खूब डाल रहे हैं।
बहस व लाइव भाषण भी : सोशल मीडिया से जुड़े पदाधिकारी चुनाव की बहस कर रहे हैं। लोगों से भी विचार मांग रहे हैं। इस पर कई बार शब्दों के वार हो रहे हैं। प्रत्याशी की खूबियां बता रहे हैं।