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राजस्थान सरकार की ओर से शुरु की गई भामाशाह डिजिटल परिवार योजना के तहत जिले के करीब साढ़े पांच लाख परिवारों को स्मार्टफोन देकर उन्हें ऑनलाइन योजनाओं से जोड़ा जाएगा । जिससे की वो घर बेठे ही मोबाइल पर एप डाउनलोड कर सरकारी योजनाओं से सीधा जुड़ सकें। इसमें नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत प्रत्येक भामाशाह कार्ड धारी परिवार को 500 की राशि दो किस्तों में स्मार्ट फोन खरीदने और इंटरनेट कनेक्टिविटी लेने के लिए सीधे परिवार के बैंक खाते में राशि हस्तांतरित की जाएगी। स्मार्ट फोन शुक्रवार से दिए जाएंगे। इस योजना के तहत पूरे राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चयनित सभी भामाशाह कार्ड धारी परिवार को डिजिटल माध्यम से जुडऩे पर1000 की राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी ।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के उपनिदेशक चारू अग्रवाल ने बताया कि पंचायत समितियों पर 1 सितबर से 30 सितंबर के मध्य कैंप लगाए जाएंगे। अलवर में प्रथम कैंप 7 सितंबर को पंचायत समिति उमरैण में, द्वितीय कैंप 10 सितंबर को पंचायत समिति राजगढ़ लगाया जाएगा। 12 सितंबर को पंचायत समिति किशनगढ़ बास, 13 सितंबर को पंचायत समिति रामगढ़, 14 सितंबर को पंचायत समिति बहरोड़ में प्रस्तावित किया गया है ।
घर बैठे ले सकेंगे जानकारी
सरकार का कहना है कि डिजिटल राजस्थान के विजन के तहत भामाशाह योजना के तहत इलेक्ट्रोनिक सर्विस डिलीवर प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है। आमजन के लिए सरकारी सेवाओं का लाभ घर बैठे मोबाइल से प्राप्त करने के लिए सरकारी योजनाओं, सेवाओं के मोबाइल एेप भी तैयार किए जा रहे हैं। इसलिए मोबाइल दिए जाएंगे।
... और इधर, केन्द्र की योजना पर भारी पड़ रही भामाशाह योजना
पहले से भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना (बीएसबीवाय) का संचालन कर रहे राजस्थान के लिए केंद्र की आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों का चयन करना मुश्किल भरा हो गया है। इस समय प्रदेश में बीएसबीवाय के लाभार्थी परिवार करीब 90 लाख है, जिसके दायरे में करीब 4.5 करोड़ लोग आ रहे हैं। इसमें रोजाना करीब 5 हजार मरीजों को भर्ती कर कैशलैस उपचार किया जा रहा है। अब केंद्र की योजना के लिए बीएसबीवाय से अतिरिक्त वंचितों का चयन करने का उचित फॉर्मूला तलाशा जा रहा है।