
अलवर. राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग की ओर से आयोजित पीटीआई भर्ती-2018 में कई अनियमितताएं सामने आ रही हैं। इस भर्ती में अनुसूचित जाति क्षेत्र के 422 अभ्यर्थियों को गैर अनुसूचित क्षेत्र की चयन सूची में शामिल किया गया जबकि ये अभ्यर्थी अनुसूचित क्षेत्र की चयन सूची में शामिल हैं वहीं इसमें फर्जी प्रमाण पत्र सहित कई अनियमिताएं हैं। बोर्ड की ओर से पीटीआई भर्ती 2018 में दस्तावेजों की जांच के दौरान कई मामले सामने आ सकेंगे। इस मामले को लेकर राजस्थान एकीकृत महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव मुख्यमंत्री से मंत्रणा करेंगे।
फर्जी तरीके से प्रवेश
भर्ती में यह तथ्य भी सामने आए कि जिन अभ्यर्थियों के पास बीपीएड कक्षा में प्रवेश लेने के लिए ख्ेाल प्रमाण पत्र नहीं था, इन अभ्यर्थियों ने बीपीएड के दौरान या डिग्री लेने के बाद खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर खेल प्रमाण-पत्र हासिल किए। राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड ने शारीदिक प्रशिक्षण अनुदेशक ग्रेड थर्ड के 4500 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया 4 मई 2018 को प्रारम्भ की गई थी।
योग को खेल मानकर दिए अंक
कर्मचारी चयन बोर्ड ने योग को खेल मानकार योग स्पद्र्धाओं के प्रमाण पत्रों के खेल अंक दिए जबकि भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने योग को खेलों की सूची में से 21 दिसम्बर 2016 को बाहर कर दिया था। कर्मचारी चयन बोर्ड के अनुसार इसमें परीक्षा तिथि से पूर्व योग्यता अर्जित करने वाले अभ्यर्थी ही पात्र थे लेकिन डिग्री हासिल करने से पूर्व सामान्य वर्ग के 1205 और ओबीसी के 2116 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। भर्ती में खेल कोटे से 11422 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। इसके अतिरिक्त 10 हजार 867 अभ्यर्थी खिलाड़ी तक नहीं थे। इस भर्ती में 4500 पदों के लिए आवेदन करने वाले 23 हजार 819 अभ्यर्थी हैं जिनमें से 4470 अभ्यर्थियों ने डीपीएड व बीपीएड डिग्री हासिल करने से पूर्व आवेदन किया है। अभ्यर्थी जुबेर खान ने बताया कि इसमें बड़े स्तर पर अनियमिताएं हुई हैं।