अलवर

राजस्थान में यहां जमीन से निकलता है गर्म पानी, नहाने से तनाव गायब और त्वचा रोगों में मिलता फायदा

Rajasthan hot water springs : राजस्थान में कई ऐसी जगह हैं, जहां नहाने से से लोगों का तनाव दूर हो जाता है। त्वचा से जुड़े रोग भी ठीक होने लगते हैं। इसके अलावा जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलता है।

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Feb 27, 2026
अलवर के तालवृक्ष में स्नान करते लोग। फोटो पत्रिका

अलवर। राजस्थान में कई ऐसी जगह हैं, जहां नहाने से से लोगों का तनाव दूर हो जाता है। त्वचा से जुड़े रोग भी ठीक होने लगते हैं। इसके अलावा जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलता है। यह जगह अलवर के तालवृक्ष के अलावा सीकर, भरतपुर, पाली, जैसलमेर व जयपुर में हैं। यहां पहाड़ों से या जमीन से गर्म पानी निकल रहा है, जो गर्म है। एक्सपर्ट के मुताबिक प्राकृतिक गीजर के संपर्क में आने से यह पानी गर्म होता है। इसमें सल्फर की मात्रा अधिक होने से यह शरीर को कई मायनों में लाभ पहुंचाता है। यही कारण है कि लोग इन स्थानों पर नहाने के लिए लाइन में लगते हैं।

अलवर के तालवृक्ष में दो कुंड बने हैं। एक कुंड में पानी गर्म है, जिसका तापमान 30 डिग्री तक रहता है। इसमें एक साथ 10 से 20 लोग एक साथ नहा सकते हैं। राजस्थान पत्रिका की टीम ने यहां पहुंचकर पड़ताल की। नारायणपुर के रोशन शर्मा, राजेश यादव आदि नहाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। उनका तर्क है कि वह साल में दो से तीन बाहर इस गर्म कुंड में इसलिए नहाने आते हैं ताकि अपने में ताजगी ला सकें।जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलता है और खाज-खुजली भी मिट जाती है। कहते हैं कि यह कुंड महाभारत काल से ही चला आ रहा है।

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राजस्थान में यहां निकलता है गर्म पानी

राजस्थान में अलवर के तालवृक्ष के अलावा पाली-ब्यावर के बिचर्डी गांव में नोखड़ा बेरा कुएं में पानी गर्म निकलता है। इसी तरह भरतपुर के वैर और भुसावर में बोरवेल से पानी गर्म आता है। सीकर के गणेश्वर स्थित गालव कुंड में, जयपुर के चाकसू स्थित खाल के बालाजी आश्रम के कुएं में भी गर्म पानी आता है। जैसलमेर में सरस्वती नदी एरिया में एक बोरवेल से गर्म पानी की धारा निकलती है।

देशभर में ऐसी जगह

हिमाचल प्रदेश के मणिकरण में पार्वती नदी के किनारे गर्म पानी निकल रहा है। इसी तरह खीरगंगा, मनाली के वशिष्ठ ऋषि मंदिर के पास गर्म पानी का झरना है। शिमला में तत्तापानी, उत्तराखंड में गौरीकुंड, जोशीमठ में तपोवन, उत्तरकाशी में ऋषिकुंड, लद्दाख में पनमिक, चुमाथांग में सिंधु नदी किनारे, पश्चिम बंगाल में बक्रेश्वर में, ओडिशा में तप्तपानी, बिहार में राजगीर कुंड, तेलंगाना मतें पागी डेरू में गर्म पानी निकलता है।

पानी गर्म होने के यह कारण

कला महाविद्यालय के भूगोल विभाग के प्रोफेसर विजय कुमार वर्मा कहते हैं कि पहाड़ आदि जगहों से आने वाला पानी प्राकृतिक गीजर के संपर्क में आता है, जिससे वह गर्म हो जाता है। यह प्राकृतिक गीजर मेगमा के रूप में होता है, जिस पर दबाव पड़ता है, तो उससे गैस निकलती है और पानी गर्म होता रहता है। साथ ही पृथ्वी की सतह के नीचे गहरी दरारें होती हैं। जब भूजल इन गहराई तक पहुंचता है, तो वह गर्म चट्टानों के संपर्क में आने से भी गर्म हो जाता है।

सल्फर मिले पानी से होता है लाभ

आरआर कॉलेज के रसायन विज्ञान के प्रोफेसर रामानंद यादव कहते हैं कि प्राकृतिक रूप से आ रहे गर्म पानी में सल्फर की मात्रा अधिक होती है। सल्फर में प्राकृतिक रूप से एंटी-बैक्टीरियल और सूजन-रोधी गुण होते हैं, जो एक्जिमा, सोरायसिस, मुंहासे, फुंसी और अन्य त्वचा संक्रमण को ठीक करने में मदद करते हैं। जोड़ों के दर्द से लेकर मांसपेशियों में भी आराम पहुंचाते हैं। क्योंकि गर्म पानी में सिकाई होने से लाभ होता है।

यह भी लाभ

एक्सपर्ट के मुताबिक गठिया, आर्थराइटिस, पीठ दर्द और मांसपेशियों की जकड़न में भी सल्फरयुक्त गर्म पानी लाभ पहुंचाता है। त्वचा को डिटॉक्सिफाई और चमकदार बनाने में मदद करता है। तनाव और थकान कम करता है। रक्त संचार में सुधार होता है।

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Updated on:
27 Feb 2026 02:29 pm
Published on:
27 Feb 2026 02:24 pm
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