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गोवंश मामला: मेडिकल जांच में खुलासा, गोवंश के सिर को काटा नहीं गया; मौन जुलूस निकाला 

अलवर शहर के अग्रसेन पुलिया क्षेत्र में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद उत्पन्न हुआ तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस घटना के विरोध में आज विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और सर्व हिंदू समाज की ओर से एक विशाल मौन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस प्रताप ऑडिटोरियम से शुरू होकर मिनी सचिवालय तक पहुंचा।

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अलवर शहर के अग्रसेन पुलिया क्षेत्र में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद उत्पन्न हुआ तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस घटना के विरोध में आज विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और सर्व हिंदू समाज की ओर से एक विशाल मौन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस प्रताप ऑडिटोरियम से शुरू होकर मिनी सचिवालय तक पहुंचा।

सड़कों पर उतरा लोग, मौन जुलूस निकाला

मौन जुलूस में बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में बड़े बैनर और स्लोगन लिखी तख्तियां थामे हुए थे। विहिप नेताओं का स्पष्ट कहना है कि वे जिला प्रशासन की अब तक की जांच और ढुलमुल कार्रवाई से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। संगठन की मांग है कि इस घटना के पीछे के असली दोषियों को जल्द से जल्द बेनकाब किया जाए।

कलेक्टर, एसपी के गेट पर नहीं आने को लेकर विरोध

जुलूस प्रताप ऑडिटोरियम से शुरू होकर मिनी सचिवालय तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने गेट खोलकर अंदर प्रवेश किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। कलेक्टर व एसपी के ज्ञापन लेने नहीं आने पर विरोध हुआ, जिसके बाद तहसीलदार ज्ञापन लेने पहुंचे। आक्रोशित लोग मिनी सचिवालय परिसर में ही बैठ गए। मामले के समाधान में देरी से संगठनों में असंतोष बना हुआ है।


रिपोर्ट में दावा: धारदार हथियार का इस्तेमाल नहीं

दूसरी ओर, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अवशेष उस स्थान पर पहले से मौजूद नहीं थे, बल्कि उन्हें कुत्तों द्वारा खींचकर वहां लाया गया था। हालांकि, कुत्ते इन अवशेषों को कहां से लाए, इसकी जांच अभी भी जारी है।

सबसे महत्वपूर्ण खुलासा एफएसएल (FSL) और मेडिकल रिपोर्ट में हुआ है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार गोवंश के अवशेष किसी धारदार हथियार या नुकीली वस्तु से नहीं काटे गए हैं। पशु चिकित्सक ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि सिर पर कोई धारदार किनारा नहीं था। त्वचा के किनारे खिंचे हुए और अनियमित (Irregular) पाए गए हैं, जो काटने के बजाय खिंचाव की ओर इशारा करते हैं। श्वसन नली पूरी तरह सुरक्षित मिली है, जिससे यह प्रमाणित होता है कि सिर काटकर अलग नहीं किया गया।

जांच जारी है

जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि मृत गोवंश वहां तक कैसे पहुंचा, इस संबंध में गहन अनुसंधान जारी है। एसपी स्वयं मामले की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि पुलिस हर एक कड़ी को जोड़कर सच्चाई सामने लाने का प्रयास कर रही है। आसपास के इलाकों में भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के मूल स्रोत का पता लगाया जा सके।