22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

93 साल की अशर्फी देवी की अटूट आस्था: हाथ में निशान लेकर पैदल निकलीं Khatu धाम, भक्ति की अनोखी मिसाल

Khatu Shyam Mela 2026 : खाटूश्यामजी मंदिर में बाबा श्याम का मेला परवान पर है। जिधर देखो उधर हाथ में निशान लिए भक्त खाटू धाम की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। आस्था की इस डगर पर हर कोई बाबा के जयकारों के साथ निशान चढ़ाने निकल पड़ा है।
1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

झुंझुनू

•

image

kamlesh sharma

•

Updated: 27 Feb 2026, 2:26 PM IST

अशर्फी देवी शर्मा हाथ में निशान लेकर नाचते गाते बाबा श्याम के दरबार में जाते हुए। फोटो पत्रिका

पचलंगी (झुंझुनूं )। खाटूश्यामजी मंदिर में बाबा श्याम का मेला परवान पर है। जिधर देखो उधर हाथ में निशान लिए भक्त खाटू धाम की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। आस्था की इस डगर पर हर कोई बाबा के जयकारों के साथ निशान चढ़ाने निकल पड़ा है। इसी बीच भक्ति और श्रद्धा की एक अनूठी तस्वीर सामने आई है।

बाघोली के श्याम मित्र मंडल के तत्वावधान में रवाना हुई 17वीं निशान पदयात्रा में 125 भक्तों के जत्थे के साथ गांव की करीब 93 वर्षीय अशर्फी देवी शर्मा भी हाथ में निशान लेकर बाबा के दरबार के लिए रवाना हुईं। उम्र के इस पड़ाव में भी उनकी अटूट आस्था सभी के लिए प्रेरणा बनी हुई है।

कई वर्षों से जा रही है खाटू

मंडल के किशन लाल सैनी ने बताया कि अशर्फी देवी पिछले कई वर्षों से निशान पदयात्रा में शामिल होकर बाबा श्याम को निशान अर्पित करती आ रही हैं। बुधवार को वे मंडल सदस्यों के साथ रवाना हुईं। रास्ते में लोग उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद ले रहे हैं।

बेटे-बहू और पति के साथ चुकी यात्रा

अशर्फी देवी ने बताया कि पूर्व में वह बेटे-बहू और पति के साथ यात्रा कर चुकी हैं, लेकिन इस बार उनका बेटा कृष्ण कुमार शर्मा जम्मू-कश्मीर में सेना में तैनात होने के कारण छुट्टी नहीं मिलने से साथ नहीं आ सका। बहू सुनीता बच्चों की जिम्मेदारी के चलते घर पर ही है, जबकि पति राजेंद्र प्रसाद शर्मा गांव में मंदिर की पूजा-पाठ के लिए रुके हुए हैं।

उनकी इच्छा को देखते हुए मंडल के सदस्यों ने उन्हें बाबा के दर्शन कराने की जिम्मेदारी उठाई है। यात्रा के दौरान कहीं थक जाने पर श्याम भक्त उन्हें गोद में उठा लेते हैं और आवश्यकता पड़ने पर वाहन में भी बैठा देते हैं, हालांकि अधिकांश यात्रा वह स्वयं पैदल ही निशान लेकर पूरी कर रही हैं।

बड़ी खबरें

View All

झुंझुनू

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग