
पेट पलायन तपस्या करता भक्त (फोटो-सोशल मीडिया)
सीकर। विश्वप्रसिद्ध खाटूश्यामजी धाम में इन दिनों फाल्गुनी मेले के दौरान आस्था का एक अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ निवासी श्याम भक्त सोनू अपनी अनोखी और कठोर साधना के कारण श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
सोनू रींगस से खाटूश्यामजी तक लगभग 17 किलोमीटर की यात्रा ‘पेट पलायन’ करते हुए पूरी कर रहे हैं। इस साधना में वे 2100 लोहे की नुकीली कीलों पर लेटकर धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं। प्रत्येक कील की लंबाई करीब पांच इंच बताई जा रही है और इन सभी कीलों का कुल वजन लगभग 26 किलोग्राम है।
इतनी बड़ी संख्या में कीलों पर शरीर टिकाकर आगे बढ़ना शारीरिक रूप से बेहद कठिन और जोखिमभरा माना जाता है, लेकिन सोनू का कहना है कि बाबा श्याम के प्रति उनकी श्रद्धा ही उन्हें यह शक्ति प्रदान करती है।
उन्होंने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं है जब वे इस तरह की तपस्या कर रहे हैं। पिछले तीन वर्षों से वे फाल्गुनी मेले में इसी प्रकार कठिन यात्रा कर बाबा के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं।
वर्ष 2025 में सोनू ने 1600 कीलों पर लेटकर यात्रा पूरी की थी। इस बार 2100 कीलों के साथ छह दिन में यात्रा पूर्ण कर एकादशी के पावन अवसर पर दर्शन करने का उनका संकल्प है। वर्तमान में वे मंदिर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर हैं और निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
मार्ग में मौजूद श्रद्धालु उनकी तपस्या को देखकर भावुक हो रहे हैं। जगह-जगह लोग जयकारों के साथ उनका उत्साहवर्धन कर रहे हैं। कई श्रद्धालु इसे अटूट विश्वास और समर्पण का उदाहरण मान रहे हैं।
सोनू का कहना है कि उनकी एक ही कामना है- बाबा श्याम की कृपा बनी रहे और हर वर्ष उन्हें इसी प्रकार दरबार में हाजिरी लगाने का अवसर मिलता रहे। आस्था, संकल्प और धैर्य का यह दृश्य मेले में आने वाले हजारों भक्तों के लिए प्रेरणा का कारण बना हुआ है।
Published on:
25 Feb 2026 10:33 pm
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