Mandi News : चने के भाव में तेजी बनी हुई है। एक सप्ताह पहले चना 5700 से 6000 रुपए प्रति क्विंटल था। अब यह 300 रुपए की तेजी के साथ 6000 से 6200 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया हैं। इस तेजी से चना दाल व बेसन के महंगे हो गए हैं।
Mandi News : चने के भाव में तेजी बनी हुई है। एक सप्ताह पहले चना 5700 से 6000 रुपए प्रति क्विंटल था। अब यह 300 रुपए की तेजी के साथ 6000 से 6200 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया हैं। इस तेजी से चना दाल व बेसन के महंगे हो गए हैं। चना दाल 7300 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़कर 7600 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गई है। इसी तरह बेसन का भाव भी 7600 रुपए प्रति क्विंटल से 7900 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है।
देश में चने का कुल उत्पादन करीब 70 लाख टन और खपत करीब 100 लाख टन है। इसके साथ ही सरकार के पास करीब 10 लाख टन का पुराना स्टॉक है। ऐसे में चने की करीब 20 लाख टन की कमी है। इसके कारण चने में तेजी की संभावना को देखते हुए सरकार मटर से आपूर्ति का प्रयास कर रही है। इसके लिए मटर पर लगने वाला आयात शुल्क भी समाप्त कर दिया है।
अलवर की कृषि उपज मंडी में गत वर्ष सीजन के दौरान अप्रेल से जून तक प्रतिदिन करीब 1000 से 1500 कट्टे चने की आवक हुई थी। इस बार सीजन में 200 से 300 कट्टे प्रतिदिन की आवक हो रही है। चने का समर्थन मूल्य 5440 रुपए प्रति क्विंटल है जो बाजार भाव से कम होने के कारण किसान चने की सरकारी खरीद में भी रूचि नहीं दिखा रहे हैं और मंडी में भी आवक कम हो रही है।
उत्पादन में कमी के कारण चने के भाव में तेजी आई है। इससे चना दाल और बेसन के भाव भी प्रभावित हुए हैं। सरकार की ओर से भाव नियंत्रण के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। आगामी दिनों में और तेजी की संभावना नहीं है।
- रिंकू जसोरिया, व्यापारी
सरकार की ओर से भाव नियंत्रण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत कभी भी स्टॉक लिमिट लगाने जैसा कदम भी उठाया जा सकता है, लेकिन मांग अधिक होने के कारण सरकारी प्रयास कारगर होते दिखाई नहीं देते।
- नितिन अग्रवाल, व्यापारी
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