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मासूम का बुजुर्ग ने किया था यौन उत्पीडऩ, 20 साल का कठोर कारावास

किशनगढ़बास. जिला एवं सत्र न्यायालय खैरथल-तिजारा के न्यायाधीश शैलेन्द्र व्यास ने 5 वर्षीय मासूम के यौन उत्पीडऩ के मामले में 65 वर्षीय बुजुर्ग को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 75 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। फैसले के दौरान न्यायाधीश व्यास ने तल्ख टिप्पणी करते हुए […]

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अलवर

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kailash Sharma

Apr 05, 2026

Gwalior High Court Refuses to Increase Retirement Age in MP

Gwalior High Court Refuses to Increase Retirement Age in MP


किशनगढ़बास. जिला एवं सत्र न्यायालय खैरथल-तिजारा के न्यायाधीश शैलेन्द्र व्यास ने 5 वर्षीय मासूम के यौन उत्पीडऩ के मामले में 65 वर्षीय बुजुर्ग को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 75 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। फैसले के दौरान न्यायाधीश व्यास ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह समाज के विरुद्ध घृणित अपराध है, ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी बरतना न्यायोचित नहीं होगा।
लोक अभियोजक रामजस यादव ने बताया कि एक महिला ने भिवाड़ी क्षेत्र के एक थाने में 12 नवंबर 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि उसका पति वाहन चालक है। वह पति के साथ हरिराम शर्मा निवासी उलेटा थाना रोजका मेव, नूंह के भिवाड़ी स्थित मकान में किराए पर रह रही थी। 10 नवंबर को मकान मालिक हरिराम उसकी 5 वर्षीय बेटी को फोन दिखाने के बहाने अपने कमरे में ले गया। इसके बाद उसे नमकीन खिलाने के बाद आरोपी ने उसकी बेटी का यौन उत्पीडऩ किया और किसी को घटना के बारे में न बताने के लिए धमकाया। अगले दिन मां अपनी बेटी को नहलाने लगी, तो मासूम के दर्द महसूस होने पर उसे कुछ संदेह हुआ। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया।
11 गवाह और 24 दस्तावेजों के आधार पर मिली सजा
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी हरिराम के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह और 24 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत में प्रदर्शित कराए गए। जिनके आधार पर आरोपी के खिलाफ दोषसिद्ध होने पर न्यायालय ने उसे सजा सुनाई है।