
अलवर. कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव में जिले में मिशन इलेवन के संकल्प को कामयाब करेगी। कांग्रेस ने जिले के सभी 11 विधानसभा क्षेत्रों में जीत के लिए संगठन स्तर पर मजबूत रणनीति बनाई है। इस बार पार्टी कार्यकर्ता भाजपा सरकार की विफलता को गिनाने के साथ ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने में जुटा है। यह कहना है कांग्रेस जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली का। उन्होंने राज्य की मौजूदा भाजपा सरकार को पूरी तरह विफल करार देते हुए जिले के भाजपा विधायकों पर पांच साल तक जनता की नहीं, बल्कि खुद के हित संवारने का आरोप लगाया है। वहीं जिले व प्रदेश में कांग्रेस में किसी प्रकार की गुटबाजी से इनकार कर इसे भाजपा की अफवाह करार दिया है। प्रस्तुत है कांग्रेस जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली से खास बातचीत।
सवाल- आगामी विधानसभा चुनाव में अलवर जिले में कांग्रेस की क्या चुनावी रणनीति रहेगी?
जवाब- भाजपा के दूषित प्रचार को मात देकर कार्यकर्ता कांग्रेस को जीत दिलाएगा।
सवाल- आगामी विधानसभा चुनाव में अलवर जिले में कांग्रेस की कितनी उम्मीदें मानते हैं?
जवाब- मिशन इलेवन का संकल्प जिला कांग्रेस ने लिया है। अबकी बार सभी 11 सीटें कांग्रेस जीतेगी।
सवाल- कांग्रेस का अलवर जिले में कमजोर पक्ष क्या है?
जवाब- जिले में कांग्रेस का कोई कमजोर पक्ष नहीं। पार्टी जिले में हमेशा मजबूत रही है।
सवाल- कांग्रेस का अलवर जिले में सबसे मजबूत पक्ष क्या है?
जवाब- जिले में कांग्रेस का मजबूत पक्ष पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह की ओर से कराए गए विकास कार्य है।
सवाल- विधानसभा चुनाव में आपके चुनाव लडऩे और जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी एक साथ संभालने से क्या चुनाव परिणाम पर कोई असर पड़ेगा?
जवाब- चुनाव के दौरान दोनों दायित्व संभालने से संगठन के काम में परेशानी नहीं होगी। जिला कांग्रेस की चुनाव संचालन कमेटी काम करेगी।
सवाल- आपकी नजर में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के जिला संगठन में कोई बदलाव करना चाहिए?
जवाब- अब सरकार बनाने का समय है। इस कारण अब बदलाव की जरूरत नहीं है।
सवाल- कांग्रेस में इस बार विधानसभा चुनाव लडऩे वाले दावेदारों की लम्बी लिस्ट है, कार्यकर्ताओं के उत्साह को आप किस नजरिये से देखते हैं?
जवाब- इसका सकारात्मक परिणाम मिलेगा। टिकट मांगने का अधिकार सभी को है। सभी मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
सवाल- आपको विधानसभा चुनाव में अलवर ग्रामीण से कांग्रेस ने टिकिट दिया तो क्या आप चुनाव लड़ेंगे?
जवाब- मैं अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से ही चुनाव लडूंगा और यही से मैंने टिकट मांगा है।
सवाल- कांग्रेस विधानसभा चुनाव से पहले सरकार के खिलाफ माहौल की बात कहती है, ऐसे में अलवर जिले में कांग्रेस की रणनीति क्या रहेगीे?
जवाब- हर विधानसभा क्षेत्र के लिए रणनीति बनाई गई है। भाजपा के वादे पूरे नहीं करने की बात लोगों को बताएंगे। वहां के स्थानीय मुद्दों को भी उठाएंगे।
सवाल- मौजूदा विधायकों के कामकाज को आप कैसा मानते हैं, कांग्रेस ने उनके खिलाफ विपक्ष की क्या भूमिका निभाई?
जवाब- भाजपा के विधायकों ने जनता के बारे में नहीं खुद के फायदे की सोचते रहे। पार्टी ने इनके खिलाफ आवाज उठाई है।
सवाल- आप राज्य सरकार को कामकाज के आधार पर कितने नम्बर देना चाहेंगे?
जवाब- राज्य सरकार को नेगेटिव मार्किंग देंगे।
सवाल- आप जिले के विधायकों को कामकाज के आधार पर कितने नम्बर देना चाहेंगे?
जवाब- जिले के भाजपा विधायकों को जीरो नम्बर देंगे। भाजपा के विधायकों ने कभी मिलकर जिले के लिए आवाज नहीं उठाई।
सवाल- विधानसभा चुनाव को लेकर अब तक किए गए सर्वे में कांग्रेस को काफी आगे दिखाया जा रहा है, आप इन सर्वे के परिणाम से कितने संतुष्ट हैं?
जवाब- सर्वे भले ही कुछ कहे, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस की सीटें 150 से ज्यादा आएंगी, यह हम नहीं जनता कह रही है।
सवाल- कांग्रेस गत दो विधानसभा चुनाव में जिले में ज्यादा अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई, इस बार क्या आप जिले में प्रत्याशियों में बदलाव की पैरवी करेंगे?
जवाब- प्रत्याशी के चयन का काम आलाकमान का है। पार्टी की प्राथमिकता चुनाव जीतने वाले को टिकट देने की है।
सवाल- विधानसभा चुनाव में आपको कांग्रेस की जीत का भरोसा है, इसका आधार संगठन, कार्यकर्ता या फिर राष्ट्रीय नेतृत्व राहुल गांधी को माने?
जवाब- जिले में कांग्रेस की जीत का आधार राष्ट्रीय नेतृत्व, कार्यकर्ता व संगठन है। तीनों ही एक कड़ी है। पार्टी का संगठन मजबूत है।
सवाल- विधानसभा चुनाव से पूर्व चर्चा है कि कांग्रेस में गहलोत व पायलट गुट में खींचतान है, आप इस बात से कितना सहमत हैं?
जवाब- यह सब मीडिया की उठाई हुई बातें हैं। दोनों ही हमारे वरिष्ठ नेता है। ये दोनों ही नहीं बल्कि सभी वरिष्ठ नेता मिलकर चुनाव में एकजुटता के साथ चुनाव में लगे हैं।
सवाल- अलवर लोकसभा उपचुनाव में जीत से उत्साहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने के लिए क्या प्रयास करेंगे?
जवाब- हमारा कार्यकर्ता आज चार्ज है। इसमें कहीं कोई कमी नहीं आएगी। पार्टी नेता भी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में लगे हैं।
सवाल- विधानसभा चुनाव के टिकिट वितरण के दौरान संभावित बगावत व दावेदारों की नाराजगी दूर करने की क्या रणनीति रहेगी?
जवाब- अभी कहीं भी बगावत की आशंका नहीं है। अभी सभी का ध्येय राज बनाना है। राज बनने पर सभी एडजस्ट हो जाएंगे।
सवाल- क्या आपकी नजर में प्रदेश में जितेन्द्र सिंह समेत कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं को विधानसभा चुनाव लडऩा चाहिए?
जवाब- मेरी नजर में बड़े नेताओं को चुनाव लडऩा चाहिए, इससे कार्यकर्ताओं को चुनाव में ऊर्जा मिलेगी।
सवाल- जिले में कांग्रेस में गुटबाजी की खबरें चर्चा में रहती हैं, इनमें एक जितेन्द्र सिंह व जिलाध्यक्ष का गुट तो दूसरा सांसद करण सिंह यादव व जुबेर गुट बताया जाता है, क्या यह बात सही है?
जवाब- अलवर जिले में कोई गुट नहीं है। सभी नेता एक है, सभी की पार्टी नेता जितेन्द्र सिंह में आस्था है। यह अफवाह भाजपा वाले फैलाते हैं।
सवाल- कांग्रेस की ओर से तैयार किए जा रहे घोषणा पत्र में अलवर जिले के कौनसे प्रमुख मुद्दों को शामिल कराने के लिए पैरवी की गई है?
जवाब- पार्टी समाज के सभी वर्गों से फीड बैक जुटा रही है। इसे घोषणा पत्र में शामिल कराने के प्रयास रहेंगे। वहीं जिले में चम्बल का पानी, ईएसआईसी मेडिकल शुरू कराने, मत्स्य विश्वविद्यालय को व्यवस्थित तरीके से चलाने, मिनी सचिवालय के मुद्दे शामिल कराए जाएंगे।