निष्पक्ष पत्रकारिता और जन-सरोकारों के प्रतीक 'राजस्थान पत्रिका' के अलवर संस्करण ने आज अपने सफर के 26 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस खास अवसर पर पूरा जिला पत्रिका के रंग में रंगा नजर आया।
निष्पक्ष पत्रकारिता और जन-सरोकारों के प्रतीक 'राजस्थान पत्रिका' के अलवर संस्करण ने आज अपने सफर के 26 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस खास अवसर पर पूरा जिला पत्रिका के रंग में रंगा नजर आया। कहीं रक्तदान शिविरों के जरिए जीवन बचाने का संकल्प लिया गया, तो कहीं रोशनी से जगमगाते 'होप सर्कस' ने शहरवासियों का मन मोह लिया।
स्थापना दिवस की पूर्व संध्या से ही अलवर शहर उत्सव के माहौल में डूब गया। नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका के निर्देश पर ऐतिहासिक होप सर्कस को रंग-बिरंगी लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया। देर रात तक लोग इस खूबसूरत नजारे को निहारते रहे और सेल्फी लेकर इन पलों को यादगार बनाया। शहर के अन्य प्रमुख चौराहों और इमारतों पर की गई सजावट ने उत्सव के उत्साह को दोगुना कर दिया।
इस अवसर पर जिले के जनप्रतिनिधियों, उद्योगपतियों, व्यापार संघ के अध्यक्षों, मंडी समिति के पदाधिकारियों और विभिन्न समाज के प्रबुद्धजनों ने पत्रिका को बधाई दी। सभी ने एक स्वर में कहा कि पिछले 26 वर्षों में राजस्थान पत्रिका ने न केवल समाचार पहुंचाए, बल्कि अलवर के विकास में एक सजग प्रहरी की भूमिका निभाई है। लोगों ने पत्रिका के साथ अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए इसकी विश्वसनीयता और निष्पक्षता की जमकर सराहना की।
पत्रिका के 26वें स्थापना दिवस को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर इसे सेवा के संकल्प से जोड़ा गया। जिलेभर में विभिन्न सामाजिक संगठनों और संस्थाओं के सहयोग से रक्तदान शिविर आयोजित किए गए, जहाँ युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। साथ ही, आमजन के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाए गए, इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ उठाया।
भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए स्कूलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें डिजिटल दुनिया के खतरों और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने पत्रिका के सम्मान में खूबसूरत रंगोलियां बनाईं और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से पत्रिका परिवार को शुभकामनाएं दीं।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न संगठनों द्वारा केक काटकर खुशियां मनाई गईं। व्यापारिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने पत्रिका को शुभकामनाएं दी।