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राजस्थान में बन रहा 86KM लंबा नया एक्सप्रेस-वे, एक घंटे कम हो जाएगा दिल्ली और जयपुर का सफर

Greenfield Expressway Rajasthan: राजस्थान में 86.13 किलोमीटर लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे तेजी से आकार ले रहा है। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से सीधे जुड़ेगा। ऐसे में दिल्ली और जयपुर का सफर आसान हो जाएगा।

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अलवर

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Anil Prajapat

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दिनेश माखीजा

Apr 11, 2026

Barodamev–Paniyala Expressway-4

Photo: AI generated

Barodamev–Paniyala Expressway: खैरथल क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाला बड़ौदामेव-पनियाला एक्सप्रेस-वे तेजी से आकार ले रहा है। करीब 86.13 किलोमीटर लंबी यह 6-लेन ग्रीनफील्ड परियोजना लगभग 40 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी है। इसे सितंबर तक यातायात के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है। यह एक्सप्रेस-वे कोटपूतली के पनियाला से शुरू होकर बहरोड़, बानसूर, खैरथल, अलवर और रामगढ़ होते हुए बड़ौदामेव (शीतल) के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा।

परियोजना के तहत लगभग 600 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसके लिए करीब 600 करोड़ रुपए का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। निर्माण कार्य तेजी से जारी है और वर्ष 2026 के अंत तक परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन

एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद दिल्ली और जयपुर का सफर, जो वर्तमान में 2.5 से 3 घंटे में पूरा होता है, घटकर लगभग 1.5 से 2 घंटे रह जाएगा। इस मार्ग पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे। सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।

आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

पनियाला, टहडकी, मांदीर, गाजूकी, नंगला वजीरका और जुगरावर प्रमुख जंक्शन होंगे। पनियाला मोड़, लाडपुर, खैरथल-मातोर, गाजूकी, जुगरावर, अलवर-रामगढ़ रोड और शीतल पर इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं। गाजूकी क्षेत्र में लगभग 20 हेक्टेयर में बड़ा जलेबी सर्किल विकसित किया जा रहा है।

करीब 2000 करोड़ रुपए की लागत से बन रही यह परियोजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अनुमान है कि इससे 5000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित होगा। लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, सर्विस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। टोल और मेंटेनेंस कार्यों में 500 से अधिक स्थायी नौकरियों की संभावना है।

3 फ्लाईओवर और 50 अंडरपास बनेंगे

परियोजना में 7 प्रमुख जंक्शन, 3 फ्लाईओवर, 50 अंडरपास और 125 लेवल क्रॉसिंग का निर्माण किया जा रहा है। एंट्री और एग्जिट पॉइंट हर 20 किलोमीटर पर होंगे, जबकि ग्रामीण और किसानों की सुविधा के लिए 1 से 2 किलोमीटर के अंतराल पर अंडरपास बनाए जा रहे हैं। इस मार्ग पर ट्रैक्टर, श्री-व्हीलर और दोपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

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