Rajasthan Roadways : राजस्थान रोडवेज के चालक व परिचालक 50 रुपए के चक्कर में यात्रियों की सुरक्षा दांव पर लगा रहे हैं।
अलवर. ( Rajasthan Roadways ) रोडवेज यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है। मात्र 50-100 रुपए के लालच में रोडवेज चालक व परिचालक बिना जांच पड़ताल किए बस में कोई भी पैकेट ले जाने को तैयार हो जाते हैं। जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। चालक व परिचालकों ( Roadways Driver ) के इस अवैध खेल के बारे में रोडवेज अधिकारियों पूरी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर सब आंखें मूंदे बैठे हैं।
राजस्थान पत्रिका ने बुधवार को अलवर केन्द्रीय बस स्टैण्ड ( Alwar Bus Stand ) पर यात्रियों की सुरक्षा दांव पर लगाकर चल रहे इस खेल पर स्टिंग ऑपरेशन किया। जिसमें अलवर और मत्स्य नगर आगार के चालकों को बिना जांच पड़ताल के बसों में अवैध रूप से पैकेट ले जाते कैमरे में कैद किया।
यात्री के साथ ले जा सकते हैं सामान
अलवर केन्द्रीय बस स्टैण्ड पर कुछ साल पहले तक रोडवेज बसों में पार्सल ले जाने के लिए अलग से काउंटर था। इसके लिए रोडवेज ने किसी फर्म को ठेका दिया हुआ था। नियमानुसार रोडवेज चालक व परिचालक यात्री के साथ बसों में सामान (लगेज) ले जा सकते हैं। 40 किलो से ज्यादा वजनी सामान या बोरे के लिए परिचालक को नियमानुसार टिकट बनाना अनिवार्य है। बिना यात्री के चालक व परिचालक बसों में कोई सामान नहीं ले जा सकते।
दोपहर 1.15 बजे : तिजारा के 50 रुपए लगेंगे
मत्स्य नगर आगार की बस आरजे-14-पीसी-0831 अलवर से दिल्ली जा रही थी। बस के परिचालक से बस में पैकेट भेजने के बारे में पूछा तो उसने चालक की तरफ इशारा कर बोला कि वहां दे दो। चालक को जैसे ही पैकेट दिया, उसने तुरंत केबिन में रख लिया। इतना तक भी नहीं पूछा कि पैकेट में क्या है? चालक बोला कि पैकेट कहां जाएगा। तिजारा की कहने पर बोला कि 50 रुपए लगेंगे। फिर बोला कि पैसे वहीं देंगे। चालक ने अपना नाम रमेश बताया और मोबाइल नम्बर देकर रवाना हो गया।
दोपहर 1.20 बजे
अंगुली का इशारा कर बोला 100 रुपए
अलवर आगार की बस आरजे-14-पीबी-4019 अलवर से महुआ रवाना हुई। बस के चालक को एक पैकेट दिया तो उसने तुरंत उसे अंदर रख लिया। पैकेट को महुआ भेजने की बात कहने पर चालक केबिन के अंदर से एक अंगुली का इशारा करते हुए बोला कि 100 रुपए लगेंगे। नाम और मोबाइल नम्बर पूछने पर चालक ने अपना नाम लालचंद बताया और मोबाइल नम्बर भी दे दिए। फिर बस को ले जाते हुए चालक बोला कि बस का नम्बर बता देना (पैकेट लेने वाले को) और शाम 4 बजे तक पहुंचेगी।
पैकेट ले जाना प्रतिबंधित
बिना यात्री के रोडवेज चालक और परिचालक द्वारा पैकेट या पार्सल ले जाना प्रतिबंधित है। इसके लिए मुख्यालय से भी स्पष्ट आदेश हैं। यदि कोई चालक व परिचालक ऐसा करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
दीपक कुमार, यातायात प्रबंधक, मत्स्य नगर आगार।