
अलवर. रोडवेजकर्मचारियों की हड़ताल अब शुक्रवार को भी जारी रहेगी। इस दौरान बसों का संचालन नहीं होगा। रोडवेज कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चा की गुरुवार को जयपुर में रोडवेज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राजहंस उपाध्याय के साथ वार्ता हुई जो बेनतीजा रही।
इसके बाद मोर्चा ने हड़ताल को आगे भी जारी रखने का निर्णय किया है। मोर्चा के इस निर्णय से गुरुवार रात 12 बजे बाद बसों के फिर से चलने की संभावना खत्म हो गई। इससे पहले गुरुवार को दूसरे दिन भी रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। कर्मचारियों ने बस स्टैण्ड परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दिन भी बसों के चक्केजाम रहे। अलवर से किसी भी रोडवेज बस का संचालन नहीं हो सका। न ही कोई बस वर्कशॉप से बाहर निकल सकी। इसके चलते दूसरे दिन भी यात्रियों को प्राइवेट व लोक परिवहन बसों के भरोसे रहना पड़ा। कुछ को दूसरे दिन भी अपनी यात्रा निरस्त करनी पड़ी।
स्टैण्ड पर सन्नाटा, दुकानदारों में मायूसी
हड़ताल से जहां दो दिन से बस स्टैण्ड पर सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं, बस स्टैण्ड परिसर स्थित दुकानदारों में भी मायूसी है। हड़ताल से उनका धंघा-पानी चौपट हो गया है। दुकानदार सोनू खण्डेलवाल ने बताया कि आमदिनों में रोडवेज बस स्टैण्ड पर दुकानदारों का धंधा चलता रहता था। हड़ताल से यात्रियों के नहीं आने से दुकानों की रौनक समाप्त हो गई है।
डग्गेमार वाहनों की निकल पड़ी
रोडवेज की हड़ताल से डग्गेमार वाहनों की निकल पड़ी है। अब हड़ताल के जारी रहने से जनता की जेब और कटेगी। दरअसल, हड़ताल के चलते वाहन चालकों ने यात्रियों की मजबूरी का जमकर फायदा उठाया। उन्होंने यात्रियों से मनमाना किराया भी वसूला। अब हड़ताल के जारी रहने से जनता की जेब कटाई और होगी। दरअसल, रोडवेज बसों में रोजाना अलवर से 25 से 40 हजार यात्री सफर करते हैं। बसों का संचालन बंद रहने से यात्रियों की प्राइवेट वाहनों में जाना मजबूरी बन गया है। हड़ताल से रेलवे स्टेशन पर भी रेलमपेल मची हुई है। ट्रेनों में जगह नहीं मिलने से कई यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
अब और बढ़ जाएगी परेशानी
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के जारी रहने से आमजन की परेशानी खत्म होने की जगह और बढ़ गई है। दरअसल, दो दिन तो यात्रियों ने जैसे-तैसे करके निकाल लिए, लेकिन अब हड़ताल के टूटने की कोई संभावना नजर आने से उनकी परेशानी बढ़ गई है।