Fake Colleges in Rajasthan: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने अलवर-भिवाड़ी के राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट को फर्जी घोषित किया। यहां की डिग्री नौकरी और उच्च शिक्षा में मान्य नहीं होगी।
Rajeev Gandhi Institute of Technology And Management Alwar: राजस्थान के अलवर-भिवाड़ी में उच्च शिक्षा का सपना देख रहे छात्रों के लिए एक बड़ा झटका सामने आया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भिवाड़ी स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट को पूरी तरह से फर्जी घोषित कर दिया है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस संस्थान के पास डिग्री देने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है और यहां से पढ़ाई करना समय और पैसे की बर्बादी के अलावा कुछ नहीं है।
यूजीसी के सचिव प्रो. मनिष आर जोशी द्वारा जारी एक सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, यह संस्थान यूजीसी अधिनियम, 1956 की किसी भी धारा के तहत पंजीकृत या मान्यता प्राप्त नहीं है।
आयोग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह संस्थान अवैध रूप से स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) डिग्रियां बांट रहा था।
इस संस्थान द्वारा जारी की गई कोई भी डिग्री सरकारी नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं या उच्च शिक्षा के लिए मान्य नहीं होगी। इसे तकनीकी रूप से केवल एक कागज का टुकड़ा माना जाएगा।
अक्सर छात्र चकाचौंध और लुभावने विज्ञापनों के झांसे में आकर ऐसे संस्थानों में प्रवेश ले लेते हैं। यूजीसी ने सख्त लहजे में कहा है कि यह एक 'स्वयंभू' संस्थान है जिसे विश्वविद्यालय की उपाधि उपयोग करने का कोई हक नहीं है। आयोग ने इस कॉलेज का नाम अपनी आधिकारिक 'फेक यूनिवर्सिटी' की ब्लैकलिस्ट में डाल दिया है।
राजीव गांधी इंस्टीट्यूट जैसे संस्थान नियमों की धज्जियां उड़ाकर युवाओं के भविष्य से खेल रहे हैं। यदि आप या आपका कोई परिचित यहां प्रवेश लेने का मन बना रहा है, तो तुरंत संभल जाएं। आपकी मेहनत की कमाई और सालों का संघर्ष ऐसे फर्जी संस्थानों की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए।