
अलवर. साल 2017 में दिल्ली व लखनऊ में 10वीं व 12वीं के जाली दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के पकड़े जाने के बावजूद भी फर्जी अंकतालिकाएं बनाने का खेल बदस्तूर जारी है। खासकर सेना भर्ती में शामिल वाले युवा इनके झांसे में आ रहे हैं। हाल में अलवर में चल रही सेना भर्ती में करीब 250 अभ्यर्थियों को संदिग्ध 10 वीं पास की अंकतालिका व आधार कार्ड में जन्मतिथि संशोधन करने के आधार पर पकड़ा है।
सेना की नौकरी पाने के लालच में भर्ती की उम्र पूरी होने के बाद युवा जालसाजी करने वाले गिरोह के झांसे में आ रहे हैं। पिछले दिनों सेना भर्ती में शामिल होने आए अभ्यर्थियों के पास दसवीं पास की अंकतालिका उत्तरप्रदेश के अलग-अलग बोर्ड की मिली है। जब उनके आधार कार्ड की जांच की गई तो उनमें जन्मतिथि में संशोधन पाया गया। ऐसे कुछ अभ्यर्थियों का शरीर देखने से पता चल गया कि इनकी उम्र 21 साल से अधिक है। दुबारा से गड़बड़ी करके दसवीं पास की फर्जी अंकतालिका लेकर आए हैं। जब उनके आधार कार्ड को देखा तो उसमें जन्मतिथि में संशोधन किया हुआ पकड़ में आया। इस आधार पर अलवर, दौसा व सवाईमाधोपुर के करीब 250 युवाओं को बाहर कर दिया। कुछ को दौड़ के बाद ही बाहर कर दिया। अधिकतर दस्तावेज सत्यापन के समय पकड़ में आ गए।
इलाहबाद बोर्ड लिखी अंकतालिकाएं मिली
अलवर में सेना भर्ती के अभ्यर्थी नरेश के पास माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तरप्रदेश इलाहबाद बोर्ड की अंकतालिका थी। जिसके आधार कार्ड में जन्मतिथि में संशोधन किया हुआ था। इसी तरह बहरोड़ निवासी विजय कुमार के पास भी उत्तरप्रदेश इलाहबाद बोर्ड से दसवीं की अंकतालिका है। इनके अलावा 250 अन्य युवाओं के पास इसी तरह के मिलते जुलते बोर्ड की दसवीं पास की अंकतालिकाएं मिली है। हालांकि अभ्यर्थियों ने कहा कि वे उत्तरप्रदेश गए हैं। वहां परीक्षाएं देकर भी आए हैं।
लखनऊ में फर्जी डिग्री पकड़ी
सितम्बर 2017 में लखनऊ पुलिस ने 10वीं व 12वीं की फर्जी अंकतालिका बनाने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ा था। जिनके पास करीब 400 से अधिक जाली अंकतालिकाएं पकड़ी गई थी। एक तरह से गिरोह का फर्जी बोर्ड ही चल रहा था। जिसमें कुछ बोर्ड के अधिकारी बने हुए थे। इस तरह आमजन को झांसे में लेकर फर्जी अंकतालिका बना रहे थे। दस हजार रुपए में भी अंकतालिका बनाने का गोरख धंधा पकड़ा गया। इससे पहले फरवरी 2017 में दिल्ली पुलिस ने भी फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह को पकड़ा। बड़ी संख्या में जाली दस्तावेज बरामद किए थे। अलवर एनसीआर में होने के कारण यहां के युवा भी ऐसे गिरोह के झांसे में आ रहे हैं।
कुछ दूसरे बोर्ड मान्य नहीं
सेना भर्ती में काफी युवा बाहरी राज्यों के बोर्ड की अंकतालिकाएं लेकर आए थे। उनमें से काफी बोर्ड की मान्यता नहीं है। काफी अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने आखिरी समय में आधार कार्ड में संशोधन कराए। दोनों दस्तावेज मिलान किए तो उनको बाहर किया गया।
मोहनेश सिंह, सेना भर्ती अधिकारी, अलवर