अलवर

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को भी जारी, कचरे के ढेर से जनता बेहाल

अलवर के राजगढ़ कस्बे में अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर अड़े ठेका सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को भी लगातार जारी रही। वाल्मीकि सेना के बैनर तले सफाई कर्मियों ने उपखण्ड अधिकारी (SDM) कार्यालय के मुख्य गेट के सामने पक्का धरना देकर प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

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Jun 03, 2026
rajgarh alwar safai karmi
धरने पर बैठे सफाई कर्मी (फोटो - पत्रिका)

राजगढ़ कस्बे में सफाई व्यवस्था को लेकर गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। अपनी मांगों के लिए आवाज उठा रहे ठेका सफाई कर्मचारियों का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर फूटा था, जब उन्होंने कस्बे के गोल सर्किल से अनाज मंडी, चौपड़ बाजार, कांकवाड़ी बाजार और सराय बाजार होते हुए एक विशाल आक्रोश रैली निकाली थी।

इस भारी विरोध प्रदर्शन के बाद भी जब प्रशासन की तरफ से कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो आज यानी बुधवार को सभी कर्मचारी उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर इकट्ठा हो गए और मुख्य गेट के सामने ही धरना देकर बैठ गए। कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें लिखित में नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।

सफाई कर्मचारियों की 8 सूत्रीय मांगें?

हड़ताल पर बैठे वाल्मीकि समाज और ठेका कर्मियों ने पालिका प्रशासन को अपनी आठ मांगों को लेकर घेरा हुआ है। कर्मचारियों की सबसे बड़ी और मुख्य मांग यह है कि सफाई व्यवस्था में चल रही ठेका प्रथा को पूरी तरह से बंद किया जाए। इसके अलावा, कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम मजदूरी (मिनिमम वेज) भी नहीं मिल रही है, जिसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए।

साथ ही, वे अपने लिए ईएसआई (ESI) और पीएफ (PF) जैसी जरूरी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सालों से कस्बे की सेवा कर रहे स्थानीय वाल्मीकि समाज के युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता देकर स्थायी रोजगार से जोड़ा जाए।

कस्बे में गहराया कचरा संकट

सफाई कर्मचारियों के सामूहिक काम बंद करने (बहिष्कार) का सीधा और सबसे बड़ा असर अब राजगढ़ की आम जनता और व्यापारियों पर पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से कस्बे में झाड़ू नहीं लगी है और न ही कचरा उठाया गया है। इस वजह से गली-मोहल्लों, बाजारों और मुख्य चौराहों पर कूड़े-कचरे ढेर लग गए हैं। नालियां कीचड़ और गंदगी से भरकर सड़क पर बह रही हैं। गर्मी के इस मौसम में गंदगी सड़ने के कारण उठने वाली बदबू ने स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का जीना मुहाल कर दिया है। 


आश्वासन से नहीं बनी बात

इससे पहले शुक्रवार को उपखंड अधिकारी (SDM) सीमा मीना ने आंदोलनकारी कर्मचारियों के साथ एक बैठक की थी। प्रशासन की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि सफाई कर्मियों को संविदा पर लेने के लिए एक विशेष प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा जा रहा है। लेकिन कर्मचारी सिर्फ आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं और धरातल पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं। अब देखना होगा कि बुधवार को एसडीएम दफ्तर के बाहर शुरू हुए इस धरने के बाद प्रशासन और नगर पालिका इस कचरा संकट को खत्म करने के लिए क्या बीच का रास्ता निकालते हैं।

Published on:
03 Jun 2026 01:46 pm