अलवर जिले के राजगढ़ कस्बे स्थित जनाना अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है।
अलवर जिले के राजगढ़ कस्बे स्थित जनाना अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए उपखंड अधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता राहुल राजपूत, निवासी ग्राम सुरेर, तहसील राजगढ़ ने बताया कि 30 अप्रैल को उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उन्हें रात करीब 12 बजे राजगढ़ जनाना अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि उस समय अस्पताल में मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने उनकी पत्नी को भर्ती तो कर लिया, लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं किया।
परिजनों के अनुसार प्रसव पीड़ा लगातार बढ़ती रही, लेकिन करीब 2-3 घंटे तक कोई डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा। इस दौरान स्टाफ से बार-बार आग्रह करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर धर्मसिंह मीणा को फोन करने के बावजूद उन्होंने अस्पताल आकर मरीज की जांच नहीं की।
शिकायत में यह भी बताया गया है कि नर्सिंग स्टाफ द्वारा ही प्रसव करवाया गया, लेकिन सही तरीके से देखभाल नहीं होने के कारण डिलीवरी के समय नवजात की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल स्टाफ ने मामले को दबाने की कोशिश की और सही जानकारी देने के बजाय उन्हें गुमराह किया गया। साथ ही कुछ स्टाफ के व्यवहार को भी अभद्र बताया गया है।
पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित डॉक्टर की कार्यशैली पहले से ही संदिग्ध रही है और उनके खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। इस पूरे मामले को लेकर राहुल राजपूत ने उपखंड अधिकारी के नाम शिकायत पत्र देकर दोषी डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने नवजात के शव का पोस्टमार्टम करवाकर मौत के सही कारणों की जांच कराने और जिम्मेदारों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस थाना राजगढ़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, राज्य महिला आयोग, चिकित्सा मंत्री और जिला कलेक्टर को भी भेजी गई है। फिलहाल मामले की जांच की मांग के बीच प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।