अलवर

इस दिवाली दावेदारों को लक्ष्मी से ज्यादा टिकट की चाहत, जानिए राजस्थान में दिवाली के बाद ही क्यों घोषित होंगे टिकट

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Nov 07, 2018
Reason Why Rajasthan Assembly Election Ticket List Is Delaying
इस दिवाली दावेदारों को लक्ष्मी से ज्यादा टिकट की चाहत, जानिए राजस्थान में दिवाली के बाद ही क्यों घोषित होंगे टिकट

अलवर. दीपों का त्योहार यूं तो सभी के लिए खास होता है, ज्:यादातर लोग घरों में पूजा अर्चना कर परिवार में समृद्धि, धन वैभव की कामना करता है। लेकिन इस बार राजनीति में सक्रिय लोगों के लिए दीपावली कुछ विशेष होगी। प्रमुख दलों की ओर से अभी प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की गई है। इसके चलते दावेदारों को चिंता सता रही है। यही कारण है कि इस बार दीापावली पर दावेदारों की अरदास धन दौलत के बजाय टिकट मिलने की ज्यादा रहने के आसार हैं।

इस बार दीपावली का त्योहार चुनावी माहौल में आया है, इस कारण जिले भर में राजनीतिक व चुनावी चचाओं का जोर है। इसमें भी खास तौर पर प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के नाम जानने की उत्सुकता ज्यादा है। वहीं प्रत्याशी बनने की दौड़ में शामिल दावेदारों की खास चिंता टिकट को लेकर है। अभी तक प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा ने टिकटों का वितरण शुरू नहीं किया है। दीपावली के चलते आगामी दो-तीन प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया की रफ्तार धीमी पडऩा स्वभाविक है। ऐसे में प्रमुख की ओर से प्रत्याशियों की सूची अब दीपावली बाद ही जारी होने की संभावना है।

दावेदारों की सबसे बड़ी दौलत टिकट

विधानसभा चुनाव में प्रमुख दलों की टिकट मांग रहे दावेदारों के लिए इन दिनों सबसे बड़ी खुशी प्रत्याशी की सूची में उनका नाम शामिल होना है। टिकट प्राप्ति के लिए दावेदार दिन रात एक किए हुए हैं। दावेदार टिकट के लिए सभी तरह के प्रयास करने में जुटे हैं। दावेदारों का मानना है कि दीपावली खुशियों का त्योहार है और उनके लिए सबसे बड़ी खुशी टिकट मिलना है। इसलिए इस बार दीपावली पूजन में उनकी टिकट की विशेष कामना रहेगी। यदि टिकट की सूची में नाम घोषित होता है तो उससे बड़ी दौलत क्या हो सकती है।

इसलिए दीपावली बाद घोषित होंगी सूचियां

कांग्रेस, भाजपा समेत अन्य प्रमुख दलों की ओर से विधानसभा चुनाव के लिए टिकटों की घोषणा दीपावली के बाद किए जाने की संभावना है। हालांकि इन दलों में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया कई दिनों से चल रही है, लेकिन चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 12 नवम्बर से शुरू होने के कारण टिकट वितरण को दीपावली बाद ही अंतिम रूप देने का निर्णय किया गया है। इसका यह लाभ भी होगा कि टिकट के दावेदार खुशी-खुशी दीपावली मना सकेंगे। राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों का कहना है कि सूची में टिकट एक ही दावेदार को मिलना है, ऐसे में टिकट के शेष दावेदारों में मायूसी आना स्वभाविक है। इसलिए सभी की खुश भरी दीपावली मनवाने के बाद ही प्रत्याशियों की सूची जारी करने का सिलसिला शुरू करने की योजना है।

Published on:
07 Nov 2018 11:33 am