
अलवर.देश भर में प्रसिद्ध अलवर के लाल प्याज ने किसानों की आंखे लाल कर रखी है। कारण प्याज के कमजोर भाव है। अलवर में किसानों के लिए आर्थिक संबल का आधार प्याज के भाव इस बार काफी कम है। पहले तो बरसात और ओलावृष्टि से प्याज की फसल खराब हो गई जिसके कारण इस बार प्याज की फसल गुणवत्ता में कमजोर है।
अलवर सब्जी मंडी में प्याज की आवक प्रारम्भ हो गई है। गुरुवार को मंडी में प्याज के 30 हजार कट्टे आए। प्याज के आवक तेज होने के साथ ही किसानों को निराशा हो रही है। प्याज की फसल से किसान अपनी बेटी की शादी करने, जेवरात और वाहन खरीदने के सपने संजो कर बैठा था जो पूरे नहीं होंगे।
इस बार अधिकतर प्याज गुणवत्ता की दृष्टि से खराब आ रही है। इस प्याज में रोग लगने के कारण इसका साइज छोटा है। इस छोटी गांठ वाले प्याज के भाव 300 से 400 रुपए मन यानि प्रति 40 किलो हैं। इसी प्रकार अच्छे प्याज के भाव भी 500 रुपए मन से 700 रुपए प्रति मन है। इस बार प्याज के भाव पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम हैं।
युवा आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र सैनी का कहना है कि प्याज के भाव इस बार कम है जिसका कारण दक्षिण भारत में प्याज की अच्छी पैदावार होना भी है। इस बार अन्य कई राज्यों से कम संख्या में खरीददार आ रहे हैं। प्याज की गुणवत्ता भी कमजोर है।
इस बार पहले ओलावृष्टि और बरसात से प्याज की पैदावार कमजोर हुई है। इसके कारण प्याज अच्छी तरह से नहीं आया है। इसका खामियाजा हमें उठाना पड़ रहा है।
-नरेश गुर्जर, कुशालगढ़
इस बार पहले ओलावृष्टि और बरसात से प्याज की पैदावार कमजोर हुई है। इसके कारण प्याज अच्छी तरह से नहीं आया है। इसका खामियाजा हमें उठाना पड़ रहा है।
-नरेश गुर्जर, कुशालगढ़
प्याज की पैदावार पहले ही कम हुई है, दूसरी ओर इस बार भाव ही कम हो गए है जिससे किसान निराश हो गया है। किसानों की पीड़ा को कोई सुनने वाला नहीं है।
मुबारिक खान,
करौली।
इस वर्ष प्याज की पैदावार से बहुत सी आशा थी लेकिन सारी आशा उनकी मिट्टी में मिल गई हैं। अब सरकार को किसानो को इसका मुआवजा भी देना चाहिए।
नरेन्द्र मास्टर,
गांव खाताका
प्याज की पैदावार अच्छी होने के बावजूद पिछले साल इसके भाव अच्छे थे लेकिन इस बार तो फसल भी खराब हो गई है और भाव भी कम मिल रहे हैं।
बनिया,
गांव लूरवाड़ी, अलवर।