अलवर. राजस्थान रोडवेज के करीब 12 हजार कर्मचारियों के आरजीएचएस (राजस्थान गवर्मेंट हेल्थ स्कीम) कार्ड पिछले दो माह से बंद पड़े हैं। जिसके कारण रोडवेज कर्मचारियों को नि:शुल्क इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जिले के अलवर, मत्स्य नगर और तिजारा डिपो के 700 से ज्यादा कर्मचारियों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। वेतन में से कटौती के बावजूद उन्हें आरजीएचएस के तहत नि:शुल्क इलाज नहीं मिल पा रहा है।
- अलवर और मस्त्य नगर आगार के 700 से ज्यादा कर्मचारियों के आरजीएचएस कार्ड बंद
- वेतन से हर माह हो रही कटौती, फिर भी नि:शुल्क इलाज का लाभ नहीं ले पा रहे कर्मचारी
अलवर. राजस्थान रोडवेज के करीब 12 हजार कर्मचारियों के आरजीएचएस (राजस्थान गवर्मेंट हेल्थ स्कीम) कार्ड पिछले दो माह से बंद पड़े हैं। जिसके कारण रोडवेज कर्मचारियों को नि:शुल्क इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जिले के अलवर, मत्स्य नगर और तिजारा डिपो के 700 से ज्यादा कर्मचारियों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। वेतन में से कटौती के बावजूद उन्हें आरजीएचएस के तहत नि:शुल्क इलाज नहीं मिल पा रहा है।
राज्य सरकार की ओर से एक अप्रेल 2022 से आरजीएचएस (राजस्थान गवर्मेंट हेल्थ स्कीम) योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत रोडवेज कर्मचारी का 25 लाख रुपए का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा किया जाता है। इससे कर्मचारी सरकारी व निजी अस्पताल में 25 लाख रुपए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के साथ निजी मेडिकल स्टोर से दवाई व प्राइवेट डॉक्टर से कैशलेस इलाज करवा सकते हैं, जिसका भुगतान इस योजना के माध्यम से होता है। योजना का लाभ लेने के लिए कर्मचारियों का आरजीएचएस कार्ड बनाया हुआ है, लेकिन पिछले करीब दो माह से रोडवेज कर्मचारियों के आरजीएचएस कार्ड बंद पड़े हैं।
वेतन में से हर माह हो रही 440 रुपए की कटौती
कैशलेस स्वास्थ्य बीमा के लिए रोडवेज कर्मचारियों के वेतन में से हर माह 440 रुपए की कटौती की जा रही है। रोडवेज कर्मचारियों के अप्रेल और मई माह के मासिक वेतन बिलों से कटौती के बावजूद समय पर प्रीमियम जमा नहीं होने से आरजीएचएस कार्ड में वित्तीय वर्ष 2023-24 का कैशलेस बैलेन्स आरजीएचएस वॉलेट में जमा नहीं हुआ है। कर्मचारी के आरजीएचएस से ईलाज के लिए अस्पताल जाने पर बैलेन्स शून्य बता रहा है। कर्मचारियों को आरजीएचएस की सुविधा बंद होने से इलाज का खर्च जेब से जमा करवाना पड़ रहा है।
इलाज कराना भारी पड़ रहा
रोडवेज कर्मचारियेां को मासिक वेतन भी दो-तीन माह की देरी से मिलता है। ऐसे में बिना वेतन के रोडवेज कर्मचारियों को इलाज कराना भारी पड़ रहा है। वहीं, राज्य कर्मचारियों को आरजीएचएस योजना के तहत 25 लाख रुपए का इलाज नि:शुल्क है। जिसमें ओपीडी भी शामिल हैं। जबकि रोडवेज कर्मचारियों को ओपीडी इलाज 20 हजार रुपए का ही नि:शुल्क है। ऐसे में इस योजना में रोडवेज कर्मचारियों के साथ भेदभाव बरता जा रहा है।
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कुछ कर्मचारियों के कार्ड बंद
कुछ कर्मचारियों के आरजीएचएस कार्ड बंद हैं। उनके कार्ड में समस्या आ रही है। जो भी एप्लीकेशन उनके पास आ रही हैं, उन्हें दिखवाया जा रहा है।
- नीशू कटारा, मुख्य प्रबंधक, अलवर आगार।