जिले के सबसे बड़े राजकीय राजर्षि महाविद्यालय के बाहर एबीवीपी का अनशन जारी है। यहां बाहर टैंट लगाकर छात्र एनसीसी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। यह धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। एबीवीपी के पदाधिकारी राहुल चौहान ने बताया कि यहां छात्र हित में एक भी राजनेता नहीं आया है जिससे छात्रों में रोष है।
राजर्षि महाविद्यालय में अनशन जारी, 21 में से 20 मांगें मानी
- एनसीसी की मांग पर अड़े एबीवीपी कार्यकर्ता
अलवर.जिले के सबसे बड़े राजकीय राजर्षि महाविद्यालय के बाहर एबीवीपी का अनशन जारी है। यहां बाहर टैंट लगाकर छात्र एनसीसी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। यह धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। एबीवीपी के पदाधिकारी राहुल चौहान ने बताया कि यहां छात्र हित में एक भी राजनेता नहीं आया है जिससे छात्रों में रोष है। धरने पर प्रणय शर्मा, विशेष जैन, कीर्ति पाल, देव अग्रवाल, रक्षा सैनी, जतिन परमार, बिरजू और मुकुल बैठे।
-----------आमने- सामने :
यह कहते हैं एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष-हमारी 21 मांग थी जिसके लिए हमने पत्र प्रिंसीपल को दिया था। इनमें से 20 मांग तो हमारी पूरी हो गई है। महाविद्यालय में पानी की व्यवस्था में सुधार हुआ है और सफाई नियमिति होने लगी है। हमारी 21 में से कुछ मांगों पर तो काम शुरू हो गया है जबकि अन्य मांगों पर कार्रवाई होगी। हमारी लड़ाई अब महाविद्यालय प्रशासन के साथ नहीं बड़े स्तर पर है। कॉलेज में एनसीसी यूनिट खोलने की मांग काफी समय से चल रही है जिस पर सरकार का ध्यान तक नहीं है। हम इस मांग को लेकर आंदोलन को और तेज करेंगे।
- मुकेश यादव, इकाई अध्यक्ष , एबीवीपी।एनसीसी के लिए पत्र लिखे, महाविद्यालय स्तर की सारी मांगें मानी-
हमें छात्रों की ओर से मांग पत्र दिया गया था जिसकी सभी मांगें मान ली हैं। एनसीसी यूनिट खोलने का मामला भारतीय रक्षा मंत्रालय का है जिसके लिए पहले भी बहुत से पत्र लिखे गए हैं। हम पूरी तरह विद्यार्थियों के हितों के साथ हैं जिसमें किसी प्रकार की समस्या हो तो उसका समाधान करवाया जाएगा। एनसीसी का मामला मेरे स्तर का नहीं है जिसके लिए सरकार को लिख दिया है।- प्रो. हुक्म सिंह, प्राचार्य, राजर्षि महाविद्यालय, अलवर।