अलवर

सरिस्का में वन्यजीवों की रक्षा करने वाले वन गार्ड कर रहे दूसरा काम, जंगल में बढ़ रहे शिकार

सरिस्का में वन्यजीवों का शिकार हो रहा है, दूसरी ओर वनगार्ड दूसरा काम कर रहे हैं।
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Jun 23, 2018
Sariska forest guard driving gypsy and vehicles in jungle
सरिस्का में वन्यजीवों की रक्षा करने वाले वन गार्ड कर रहे दूसरा काम, जंगल में बढ़ रहे शिकार

सरिस्का बाघ परियोजना के वाहनों को चालक कम बेलदार व वन गार्ड ज्यादा चला रहे हैं। यह स्थिति तो तब है जब पूर्व में अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (मुख्यालय) चालकों से ही वाहन चलवाने के आदेश जारी कर चुके हैं। वर्तमान में सरिस्का में 21 सरकारी वाहन हैं, जिन्हें चलाने के लिए मात्र 5 चालक हैं।

सरिस्का में वन गार्ड का पहले ही संकट

करीब 1213 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले सरिस्का में पहले ही वन गार्डों की कमी है। ऐसे में वन गार्ड को वाहन चलाने व अन्य कार्यों पर लगाने से सुरक्षा का संकट और बढऩे की आशंका है। वर्तमान में सरिस्का की 102 बीटों एवं 130 वन चौकियों पर करीब 105 वन गार्ड है। वहीं करीब 60 वर्कचार्ज कर्मचारी हैं। इसके अलावा 5 एसीएफ, 8 रेंजर, 16 फोरेस्टर, एक डीएफओ व एक सीसीएफ तथा पांच चालक हैं। वन गार्डों में करीब एक तिहाई महिला वन गार्ड हैं, जिन्हें फील्ड के बजाय कार्यालय में वायरलैस सिस्टम एवं अन्य कार्य पर लगाया हुआ है। वन गार्डों की कमी के चलते ही सरिस्का प्रशासन को हर माह सुरक्षा के लिए होमगार्ड के जवान मंगवाने पड़ते हैं।

वन्यजीवों की सुरक्षा है खास

सरिस्का में बाघ, पैंथर समेत विभिन्न प्रजातियों के हजारों की संख्या में मांसाहारी व शाकाहारी वन्यजीव हैं। इनकी सुरक्षा का जिम्मा वन गार्ड पर है, लेकिन वन गार्ड की कमी और उन्हें चालक, वायरलैस सिस्टम एवं अन्य कार्यों पर लगाने का सरिस्का की सुरक्षा पर विपरीत असर पड़ रहा है। यही कारण है कि गत दिनों सरिस्का के इंदौक में बाघ एसटी-11 का शिकार हो चुका है, वहीं चार महीने से बाघिन एसटी-5 गायब है। वहीं सांभर, जंगली शूकर सहित अन्य वन्यजीवों के शिकार की पूर्व में कई बार घटनाएं हो चुकी हैं। वहीं वर्ष 2005 से पूर्व सरिस्का में बाघों का पूरी तरह सफाया भी हो चुका है।

होमगार्ड से वाहन चालक लेते हैं

सरिस्का में वाहन चालकों की पूर्ति के लिए होमगार्ड से चालक लिए जाते हैं। कई बार आपात स्थिति होने पर वाहन चलाने में सक्षम कर्मचारियों से भी यह कार्य करवाना होता है।
हेमंत सिंह, डीएफओ सरिस्का बाघ परियोजना।

Published on:
23 Jun 2018 04:15 pm