क्षेत्रफल में सरिस्का टाइगर रिजर्व रणथंभौर से भले ही बड़ा हो, लेकिन पर्यटन के मामले में यह बहुत पिछडा़ है। रणथंभौर की तुलना में सरिस्का में हर साल महज दस फीसदी ही पर्यटक सफारी के लिए पहुंच पाते हैं।
अलवर. क्षेत्रफल में सरिस्का टाइगर रिजर्व रणथंभौर से भले ही बड़ा हो, लेकिन पर्यटन के मामले में यह बहुत पिछडा़ है। रणथंभौर की तुलना में सरिस्का में हर साल महज दस फीसदी ही पर्यटक सफारी के लिए पहुंच पाते हैं। पर्यटन रूट भी सरिस्का में रणथंभौर टाइगर रिजर्व से आधे ही हैं।सरिस्का टाइगर रिजर्व बाघों के चलते देश दुनिया में अपनी जगह फिर से बनाने कामयाब हुआ है, लेकिन यहां पर्यटन काे बढ़ावा देने की अभी जरूरत है। प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व की तुलना में सरिस्का में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या अभी काफी कम है। इसका सीधा असर पर्यटन से होने वाली आय और सरिस्का के विकास पर पड़ा है।
दस फीसदी क्षेत्र ही घूम पाता है पर्यटक
सरिस्का बाघ परियोजना का क्षेत्रफल 1312 वर्ग किलोमीटर भू भाग पर फैला है, लेकिन इसका करीब 10 फीसदी क्षेत्र ही पर्यटन के काम आ पा रहा है। इसका कारण है कि सरिस्का में मात्र पांच ही पर्यटन रूट हैं। इनमें तीन सदर गेट से, एक टहला गेट से तथा एक अलवर बफर जोन में है। जबकि रणथंभौर का क्षेत्रफल करीब 1300 वर्ग किलोमीटर है, लेकिन यहां पर्यटन रूट 10 हैं। इसमें भी पांच पर्यटन रूट मानसून के दौरान भी पर्यटकों के लिए खुले रहते हैं, जबकि सरिस्का में दो ही पर्यटन रूट बारिश काल में खुले रहते हैं।
सरिस्का में पर्यटक 25 से 50 किमी घूम पाता
सरिस्का बाघ परियोजना में सफारी के दौरान पर्यटक 25 से 50 किलोमीटर ही घूम पाते हैं। पर्यटक को सफारी के लिए तीन से चार घंटे का समय मिल पाता है। इसमें किसी स्थान पर पर्यटक के ज्यादा रूकने पर पर्यटन की दूरी भी कम हो जाती है। वहीं रणथंभौर में पर्यटक को 80 से 90 किलोमीटर सफारी कराई जाती है।
संसाधनों में भी सरिस्का पिछड़ा
संसाधनों के मामले में भी सरिस्का बाघ परियोजना रणथंभौर से पिछड़ा है। सफारी के लिए सबसे जरूरी साधन है जिप्सी व केंटर। सरिस्का में पर्यटकों की सफारी के लिए करीब 75 जिप्सी व 15 केंटर उपलब्ध हैं। वहीं रणथंभौर में करीब 375 जिप्सी एवं 380 केंटरों का पंजीयन रहता है।
सफारी के लिए चुकानी होती हैं 6 हजार से ज्यादा राशि
सरिस्का बाघ परियोजना में सफारी के लिए एक जिप्सी में छह पर्यटकों के लिए करीब 6372 रुपए का भुगतान करना होता है, वहीं एक केंटर में 20 पर्यटकों के लिए 14120 रुपए का भुगतान करना होता है। लगभग इतनी ही राशि रणथंभौर में पर्यटकों को सफारी के लिए चुकानी होती है।
पर्यटकों के मामले में बहुत पीछे
सरिस्का में प्रतिवर्ष सफारी के लिए पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या करीब 50 हजार तक पहुंच पाती है, जबकि रणंथभौर में हर साल औसतन पांच लाख पर्यटक सफारी के लिए पहुंचते हैं, इनमें करीब एक लाख पर्यटक विदेशी होते हैं।
सरिस्का में पर्यटकों की फैक्ट फाइल
वर्ष पर्यटक
2015- 16 511702016-17 52205
2017-18 502652018-19 46313
2019-20 448282020-21 35881
2021-22 46125
सरिस्का में पांच पर्यटन रूट
सरिस्का में अभी पांच पर्यटन रूट हैं। इन पर पर्यटकों को सफारी कराई जाती है। सरिस्का में पर्यटकों को आकर्षित करने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
डीपी जागावतडीएफओ, सरिस्का टाइगर रिजर्व