अलवर

नेशनल पार्क का दर्जा और सुरक्षा को रेंजर तक नहीं

अलवर. सरिस्का बाघ परियोजना को नेशनल पार्क का दर्जा तो है, लेकिन यहां सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में रेंजर ग्रेड प्रथम तक नहीं है। यह हालत तो तब है जब गत एक वर्ष में ही तीन टाइगर सरिस्का में कम हो गए।
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Feb 23, 2019
sariska news
नेशनल पार्क का दर्जा और सुरक्षा को रेंजर तक नहीं

सरिस्का बाघ परियोजना इन दिनों अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी के संकट से जूझ रहा है। हालत यह है कि सरिस्का में इन दिनों 91 कर्मचारियों एवं अधिकारियों के पद खाली चल रहे हैं। इनमें अधिकारी कम और सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों के पद ज्यादा है। एेसे में सरिस्का की सुरक्षा पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

सुरक्षा के लिए रेंजर ग्रेड प्रथम का पद महत्वपूर्ण
किसी नेशनल पार्क की सुरक्षा के लिए रेंजर ग्रेड प्रथम का पद महत्वपूर्ण होता है। सरिस्का बाघ परियोजना में वर्तमान में 6 रेंज हैं। नियमों के मुताबिक इन रेंजों में रेंजर ग्रेड प्रथम का पद सृजित है। किसी भी रेंज की सुरक्षा, विकास कार्य एवं वन्यजीवों की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी रेंजर ग्रेड प्रथम की होती है। इतने महत्वपूर्ण पद के बावजूद सरिस्का में वर्तमान में ज्यादातर रेंजों में रेंजर ग्रेड प्रथम के पद खाली हैं। तालवृक्ष रेंज में पिछले दिनों रेंजर ग्रेड द्वितीय से प्रथम ग्रेड में पदोन्नत एक अधिकारी इसी माह सेवानिवृत्त हो रहे हैं, वहीं अजबगढ़ रेंज में स्थानांतरण होने के कारण पद खाली हैं। इसके अलावा अन्य रेंजों में रेंजर ग्रेड प्रथम अधिकारी के पद पहले से ही खाली हैं।

वनपाल के पद भी खाली, गार्ड से चला रहे काम
सरिस्का में वनपाल के ज्यादातर पद भी खाली हैं। वर्तमान में सरिस्का में वनपाल के 21 पद स्वीकृत हैं, इनमें से करीब आधे पदों पर ही वनपाल नियुक्त हैं। उनमें भी 6 वनपाल गत 6 महीने से ज्यादा समय से प्रशिक्षण पर गए हैं। एेसे में ज्यादा नाकों पर गार्ड को ही वनपाल का कार्यभार सौंपा हुआ है। वनपाल का पद भी सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। नाकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी वनपाल की है।

रेंजर ग्रेड प्रथम की कमी है
सरिस्का में रेंजर ग्रेड प्रथम के ज्यादातर पद खाली हैं, विभाग को कई बाद अवगत कराया जा चुका है।
हेमंत सिंह
डीएफओ सरिस्का बाघ परियोजना

Published on:
23 Feb 2019 06:00 am