
सरिस्का के नारायणपुर इलाके में वन्यजीवों की आबादी क्षेत्र में दस्तक जारी है। बुधवार सुबह तुलसीवाला गांव में उस समय दहशत फैल गई, जब ग्रामीणों ने एक टाइगर का मूवमेंट देखा। ग्रामीण रोज़ की तरह अपने खेतों की तरफ जा रहे थे, तभी उन्होंने पुराने रास्ते के पास घनी झाड़ियों में टाइगर को बैठे हुए देखा। गांव के इतने करीब टाइगर को देखकर लोगों के होश उड़ गए और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को दी।
खेतों में टाइगर होने की खबर मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम, स्थानीय पटवारी और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी टीम के साथ तुलसीवाला गांव पहुंचे। वन कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए सबसे पहले भीड़ को पीछे किया और टाइगर की मॉनिटरिंग शुरू की।
वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सख्त अपील की है कि वे टाइगर से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। उन्होंने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति कौतूहल वश टाइगर के नजदीक जाने या उसे चारों तरफ से घेरकर उकसाने का प्रयास बिल्कुल न करे, क्योंकि इससे वह हिंसक हो सकता है।
तुलसीवाला और आसपास के इलाकों में टाइगर की धमक से ग्रामीण बेहद डरे हुए हैं। ग्रामीणों की चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि कुछ दिन पहले ही इसी क्षेत्र में टाइगर ने एक किसान की दो भैंसों का शिकार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था, जबकि तीन अन्य भैंसें अब भी लापता हैं। लगातार दूसरी बार गांव के इतने नजदीक टाइगर की मौजूदगी ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। ग्रामीण अब खेतों में जाने से भी कतरा रहे हैं।
क्षेत्र में टाइगर की मौजूदगी के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट है। विभाग के अनुसार स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और विशेषज्ञों की टीम लगातार टाइगर की गतिविधियों पर नजर रख रही है। उसे सुरक्षित तरीके से वापस सरिस्का के रेस्क्यू एरिया या घने जंगल में पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एहतियात के तौर पर प्रशासन ने ग्रामीणों को अकेले खेतों और सुनसान रास्तों पर नहीं जाने की सलाह दी है। साथ ही टाइगर दिखाई देने पर उसके पास जाने या उसे घेरने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है। विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।