
सड़क पर किया विरोध-प्रदर्शन (फोटो - पत्रिका)
अलवर के मिनी सचिवालय के बाहर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का धरना आज बुधवार को भी जारी रहा। कल मंगलवार को जिला कलक्टर के रवैये से नाराज होकर आज सुबह ही सैकड़ों की संख्या में महिलाएं मिनी सचिवालय के बाहर पहुंच गईं।
प्रशासन की बेरुखी से नाराज होकर आज कार्यकर्ताओं ने मिनी सचिवालय के बाहर मुख्य सड़क पर ही डेरा डाल दिया। महिलाएं बीच सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगीं, जिससे वहां यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों को लेकर अड़ी रहीं।
दरअसल, यह पूरा विवाद कल यानी मंगलवार को उस समय बढ़ा जब आंदोलनकारी महिलाएं सीधे जिला कलक्टर को अपना ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़ी थीं। कल सुबह करीब 11 बजे महिलाएं मोतीडूंगरी पार्क से रैली निकालकर मिनी सचिवालय पहुंची थीं। वे लंबे समय तक कलक्टर का इंतजार करती रहीं, लेकिन कलक्टर महिलाओं से मिले बिना ही कठूमर दौरे के लिए रवाना हो गईं।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कलक्टर जानबूझकर उनसे मिलने से बचने के लिए दूसरे रास्ते से निकल गईं। इस बेरुखी से नाराज होकर अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष लतेश शर्मा ने ज्ञापन को मिनी सचिवालय की दीवार पर चस्पा कर दिया था।
संघ की जिलाध्यक्ष लतेश शर्मा ने तीखा आक्रोश जताते हुए कहा, जब भी सरकार को अपनी योजनाओं या कार्यक्रमों में भीड़ जुटानी होती है, तब उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता याद आती हैं। कलक्टर के एक निर्देश पर हम सभी कार्यक्रमों को सफल बनाती हैं। लेकिन जब आज हमारे हक और समस्याओं के समाधान की बात आई, तो प्रशासन हमसे मिलने तक को तैयार नहीं है।
आंदोलनकारी महिलाओं का कहना है कि वे भारी आर्थिक नुकसान उठाकर इस चिलचिलाती धूप और उमस में आंदोलन कर रही हैं। सोमवार को तेज गर्मी के कारण तीन महिला कार्यकर्ता बेहोश भी हो गई थीं, इसके बावजूद प्रशासन का दिल नहीं पसीज रहा। महिलाओं ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी उचित मांगों को स्वीकार नहीं करती और मानदेय में बढ़ोतरी नहीं होती, तब तक उनकी यह अनिश्चितकालीन हड़ताल और प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
Updated on:
15 Jul 2026 01:44 pm
Published on:
15 Jul 2026 01:44 pm
