
अलवर. सरिस्का में गत दिनों टैरिटरी के फेर में आपस में भिड़े बाघ एसटी-4 व एसटी-6 दोनों ही अभी घायल अवस्था में हैं। बाघ एसटी-4 का इलाज एनक्लोजर में किया जा रहा है। वहीं बाघ एसटी- 6 के इलाज के लिए शुक्रवार सुबह प्रयास किए जाएंगे।
सरिस्का के डीएफओ हेमंत सिंह ने बताया कि गत बुधवार को बाघ एसटी-4 व एसटी-6 के बीच भीषण भिडं़त हो गई। इसमें बाघ एसटी-4 के पैर बुरी तरह जख्मी हो गए। दोनों बाघों के बीच संघर्ष का अंदाजा इस बात से सहज लगाया जा सकता है कि बाघ एसटी-4 के एक पैर में दूसरे बाघ ने अपने दांत अंदर तक गड़ा दिए। इससे बाघ एसटी-4 का एक पैर बुरी तरह जख्मी हो गया तथा सूजन आ गई। बाघ एसटी-4 के दूसरे पैर व अन्य स्थानों पर भी चोट के जख्म है। बाघ को ट्रंक्यूलाइज कर सूजन कम करने के लिए एंटीबायोटिक व दर्द निवारक दवाएं दी गई है। फिलहाल बाघ के पैर में फैक्चर है या नहीं इसका पता पैर की सूजन कम होने पर ही पता चल पाएगा। उधर, बाघ एसटी-6 के पैर में भी जख्म है।
बाघ फिलहाल लंगडाकर चल रहा है। उसके पैर में जख्म कितना गंभीर है, इसका अंदाजा उसे सही तरह देखने पर ही चल पाएगा। बाघों की चिकित्सा के लिए चिकित्सक फिलहाल सरिस्का में रुके हुए हैं। जरूरत हुई तो बाघ को ट्रंक्यूलाइज कर इलाज किया जाएगा।
बाघ शिकार कर पाएगा या नहीं, इलाज के बाद पता चलेगा
बाघ एसटी-4 ठीक होने के बाद फिर से शिकार कर पाएगा या नहीं, इसका अंदाजा उसके पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही पता चल पाएगा। बाघ के पैर में सूजन उतरने का इंतजार किया जा रहा है।