मृतक बनवारी की पत्नी संतोष ने अपने प्रेमी से शादी करने के लिए भाड़े के दो बदमाशों के साथ मिलकर चार बच्चों और पति को रास्ते से हटवा दिया।
अलवर.
अलवर शहर के सबसे बड़े एवं सनसनीखेज हत्याकांड के तार प्रेम प्रसंग से जुड़े मिले हैं। चार दिन तक दिन-रात पड़ताल के बाद आखिरकार पुलिस ने आज शाम पांच बजे इस नृशंस हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बताया कि मृतक बनवारी की पत्नी संतोष ने अपने प्रेमी से शादी करने के लिए भाड़े के दो बदमाशों के साथ मिलकर चार बच्चों और अपने पति को हमेशा के लिए रास्ते से हटवा दिया।
आपको बता दें कि पुलिस को घटना से जुड़े अहम सीसीटीवी फुटेज मिलने के अगले दिन शुक्रवार को कई लोगों से पूछताछ की। इसमें मुख्य रूप से मृतकों के परिजनों के साथ ही उनसे जुड़े प्रोफेशनल सहयोगियों से पूछताछ की गई है। इसमें मृतक बनवारी के कुछ परिजन और एक रिश्तेदार भी शामिल हैं। वहीं उनकी पत्नी तथा मां को भी अलवर लाकर पूछताछ की गई है।
मामले में शुक्रवार को पुलिस की जांच पूर्णतया मृतक के परिजनों एवं परिचितों पर केन्द्रित रही। सुबह पुलिस ने बनवारी के परिवार के परिचितों से पूछताछ की। शाम करीब साढ़े चार बजे कठूमर थाना पुलिस गांव गारू पहुुंची और बनवारी की पत्नी व उसकी मां को अलवर लाई।
चार मासूमों सहित पांच जनों की हत्या का मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा निकला। पुलिस जांच में इससे जुड़े साक्ष्य मिले हैं। पुलिस ने इनका परीक्षण कराया। पुलिस का मृतक की पत्नी सहित परिजनों पर शुरू से चला आ रहा संदेह सही निकला। इसके बाद कॉल डिटेल ने भी कई रोज खोलेे।
यह था मामला
शिवाजी पार्क 4 'क' स्थित एक मकान में धारदार हथियार से पांच जनों की नृशंस हत्या के बाद परिवार के मुखिया बनवारी की स्कूटी पुलिस को घर से गायब मिली। पुलिस का मानना था कि वारदात के बाद आरोपित स्कूटी पर सवार होकर भाग निकला। पुलिस ने रातभर स्कूटी की तलाश की। बुधवार अलसुबह करीब तीन बजे पुलिस को यह स्कूटी एनईबी कृषि उपज मंडी के पीछे बनी टूटी-फूटी दुकानों के पास लावारिश हालात में खड़ी मिली। पुलिस ने स्कूटी को जब्त कर एफएसएल जांच के लिए भेजा है।
उधर, घटना के बाद बुधवार को आईजी हेमन्त प्रियदर्शी अलवर आए और सुबह करीब ९.३० बजे पुलिस अधिकारियों के साथ घटनास्थल का मौका मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने मकान के दरवाजे, खिड़कियों आदि का बारीकी से निरीक्षण किया। दीवार पर लगे खून के छींटों की बैड से ऊंचाई नापी। आईजी मकान की प्रथम मंजिल पर बने कमरे में भी गए और निरीक्षण किया।
उन्होंने मकान के पीछे भी झांककर देखा। वहीं, जिला पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने एकबार फिर पड़ोसियों से पूछताछ की। मकान का मौका निरीक्षण के बाद आईजी ने पुलिस अधीक्षक आवास में पुलिस अधिकारियों की बैठक ली, जिसमें आरोपितों की गिरफ्तारी व मामले के खुलासे को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद आईजी रामगढ़ के चंडीगढ़ अहीर गांव पहुंचे और गत दिनों महिला व पुरुष का शव जलाने के मामले की जांच की।